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जिन्होंने हमें हर दिन तिरंगा फहराने का अधिकार दिलाया, उस राष्ट्रप्रेमी को सलाम (जन्मदिन विशेष)

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 9 , 2018 , 15:51 IST

तिरंगा को देखते ही गर्व से हमारा सीना चौड़ा हो जाता है। इसे हम हर दिन फहरा सकते हैं लेकिन हर भारतीय को यह अधिकार दिलाने का श्रेय जाता है नवीन जिन्दल को। आज नवीन जिन्दल अपना जन्मदिन मना रहे हैं। 9 मार्च 1970 को नवीन जिन्दल का जन्म हिसार के एक बिजनेसमैन और राजनीतिक परिवार में हुआ था। उनके पिता ओमप्रकाश जिन्दल बिजनेसमैन के साथ-साथ हरियाणा सरकार में मंत्री थे।

नवीन जिन्दल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से और आगे की पढ़ाई विदेश में पूरी की है। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पारिवारिक बिजनेस को अपने हाथों में लिया। बिजनेस के साथ-साथ उन्होंने हरियाणा के कुरुक्षेत्र लोकसभा क्षेत्र से राजनीति की शुरुआत की। वे कुरुक्षेत्र से दो बार कांग्रेस के सांसद रहे हैं। राजनीति के साथ-साथ उन्हें सामाजिक कार्यों में गहरी रुचि है। उनके लिए हमेशा से देश सबसे पहले है। यही वजह है कि तिरंगे से उन्हें शुरू से खास लगाव रहा। तिरंगे की कहानी साल 1992 में शुरू होती है। नवीन जिन्दल 1992 में अमेरिका की टेक्सास यूनिवर्सिटी से एमबीए की पढ़ाई खत्म कर भारत आये थे।

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(फाइल तस्वीर)

एक दिन वो छत्तीसगढ़ के रायगढ़ की अपनी फैक्ट्री में गए। यहां उन्होंने सम्मानस्वरूप तिरंगे को लहराया। इसपर तत्कालीन बिलासपुर कमिश्नर ने नवीन जिन्दल को कानून का हवाला देकर झंडा फहराने से मना कर दिया। बिलासपुर कमिश्नर ने कहा कि हमारे देश का फ्लैग कोड इसकी इजाजत नहीं देता है कि कोई आम नागरिक ख़ास दिनों को छोड़कर तिरंगा को फहराये।

तिरंगा फहराने से मना करने की बात नवीन जिन्दल के दिल में चुभ गई। नवीन जिन्दल ने ठान लिया कि वो हर भारतवासी को हर दिन तिरंगा फहराने का अधिकार दिला कर रहेंगे। उन्होंने तिरंगे के अधिकार की खातिर अदालत का दरवाजा खटखटाया। नवीन जिन्दल ने संविधान की धारा 226 के तहत दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की। 22 सितंबर 1995 को दिल्ली हाईकोर्ट ने नवीन जिन्दल की याचिका पर आदेश दिया कि भारत का नागरिक खास दिनों को अलावा भी, किसी और दिन तिरंगा फहरा सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट चली गई। नवीन जिन्दल ने वहां भी कानूनी लड़ाई जारी रखी। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद आया वो ऐतिहासिक दिन जिसने हर भारतीय को साल के 12 महीने अपने हाथ से तिरंगा फहराने का अधिकार दिया।

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23 जनवरी 2004 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि देश के प्रत्येक नागरिक को आदर, प्रतिष्ठा एवं सम्मान के साथ राष्ट्रीय ध्वज को फहराने का अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि झंडा फहराना हर भारतीय का मौलिक अधिकार है। साथ ही कोर्ट ने केन्द्र की उस याचिका को खारिज कर दिया जो उसने हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ दाखिल की थी।

तिरंगा प्रेम से ओत-प्रोत नवीन जिन्दल ने 3 जून 2002 में ‘फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ की स्थापना की। ‘फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ अभी तक देशभर में 65 से ज्यादा स्मारकीय झंडे लगा चुका है। ‘फ्लैग फाउंडेशन ऑफ इंडिया’ ने दिल्ली से लेकर करगिल तक (लेह-लद्दाख) और सुदूर कन्याकुमारी तक स्मारकीय झंडे स्थापित किये हैं।

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(फाइल तस्वीर)

नवीन जिन्दल की अगुवाई वाली जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड ( जेएसपीएल) देश की अग्रणी स्टील उत्पादक कंपनी है। यह नवीन जिन्दल के बिजनेस विजन और लीडरशिप का ही कमाल है कि जेएसपीएल...स्टील, पावर, माइनिंग, गैस और इंफ्रास्ट्रक्चर सिगमेंट में लीडिंग प्लेयर है।

एक बिजनेस अंपायर चलाने के साथ-साथ नवीन जिन्दल का सामाजिक कार्यों से भी गहरा लगाव है। उनके दिशा-निर्देशन में जेएसपीएल फाउंडेशन पूरे देश में सामाजिक कार्य कर रहा है। फाउंडेशन के सीएसआर के कामों को नवीन जिन्दल खुद निगरानी करते हैं। सीएसआर के तहत चलाये जा रहे सामाजिक कार्यक्रमों से देश भर में लोग लाभान्वित होते हैं।

नवीन जिन्दल को खेलों से भी खूब प्यार है। पोलो और स्कीट शूटिंग उनका फेवरेट गेम है। नवीन जिन्दल पोलो की जिन्दल पैंथर टीम के कप्तान हैं। उनकी पहचान पोलो के राष्ट्रीय स्तर के बड़े खिलाड़ी की है। पोलो के मैदान में उनका जबरदस्त खेल देखकर हर कोई रोमांचित हो जाता है।

लोगों की सेवाभाव को ध्यान में रखकर नवीन जिन्दल ने 2004 में राजनीति में कदम रखा। 2004 में वे हरियाणा के कुरुक्षेत्र लोकसभा सीट से निर्वाचित हुए। 5 अगस्‍त 2004 को उन्‍हें गृह मामलों की समिति का सदस्‍य बनाया गया। इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में वे दूसरी बार निर्वाचित हुए। इस कार्यकाल में 31 अगस्‍त 2009 को उन्‍हें गृह मामलों की समिति और रक्षा मंत्रालय की परामर्श समिति का सदस्‍य बनाया गया। मई 2010 में उन्‍हें सड़क एवं परिवहन मंत्रालय तथा लोक लेखांकन समिति का सदस्‍य बनाया गया। एक सफल बिजनेसमैन होने के अलावा नवीन जिन्दल कुरुक्षेत्र की जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहते हैं।

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(फाइल तस्वीर)

नवीन जिन्दल की मां सावित्री जिंदल हैं। वह देश की सबसे अमीर महिलाओं की सूची में शामिल हैं। सावित्री जिंदल हरियाणा के हिसार विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी की विधायक रहीं हैं। वहीं नवीन जिन्दल की पत्नी शालू जिन्दल देश की मशहूर कुचिपुड़ी डांसर हैं। वे अर्थशास्त्र से ग्रेजुएट, बिजनेस मैनेजमेंट और इंटीरियर डिजाइनिंग में डिप्लोमा होल्डर हैं। शालू जिंदल जेएसपीएल फाउंडेशन की प्रेसिडेंट भी हैं। नवीन जिन्दल के दो बच्चे हैं। जिनके नाम वेंकटेश और यशस्विनी हैं।


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