नेशनल

डोकलाम के बाद जंग की नई जमीन तैयार, अब श्रीलंका में चीन को टक्कर देगा भारत!

icon सतीश कुमार वर्मा | 0
351
| अक्टूबर 14 , 2017 , 22:37 IST

डोकलाम विवाद के बाद दक्षिण एशिया में भारत और चीन के बीच वर्चस्व की जंग छिड़ी हुई है। अब भारत की नजरें चीन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट वन रोड वन बेल्ट (ओआरओबी) से सटे श्रीलंका के एयरपोर्ट पर टिकी हैं। श्रीलंका के एक मंत्री के मुताबिक चीन ने अपने इस प्रोजेक्ट में भारी निवेश किया है। इस मुद्दे पर भारत और श्रीलंका के बीच बातचीत अंतिम दौर में है। भारत इस द्वीप के एयरपोर्ट का संचालन करना चाहता है। श्रीलंका के नागरिक उड्डयन मंत्री निमल सिरीपाला ने बताया कि उनका देश हंबनटोटा क्षेत्र में वैकल्पिक निवेशक की तलाश में था, जहां चीन ने बंदरगाह विकसित किया है।

यहां निवेश क्षेत्र और रिफाइनरी बनाने पर चर्चा चल रही है। इसी वक्त भारत एक प्रस्ताव के साथ सामने आया। वह भारत व श्रीलंका एयरपोर्ट एंड एविएशन सर्विसेज लिमिटेड (एएएसएल) का संयुक्त उद्यम बनाने को तैयार हैं। कोलंबो और मताला हवाई अड्डों का प्रबंधन अधिकार एएएसएल के पास है। एयरपोर्ट डील के बारे में पूछे जाने पर भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से कोई त्वरित प्रतिक्रिया नहीं आई है। 

बता दें कि श्रीलंका ने हंबनटोटा बंदरगाह को 99 साल के लिए लीज पर चीन को देने का करार किया है। वन बेल्ट वन रोड परियोजना (OBOR) के तहत चीन इसके जरिए एशिया और यूरोप में सड़क व जल परिवहन का जाल बिछाना चाहता है। इतना ही नहीं चीन ने श्रीलंका के इस क्षेत्र में भारी-भरकम निवेश भी कर रखा है। लेकिन भारत ने अब उसके मंसूबों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है।

Fat

दरअसल हंबनटोटा इलाके में श्रीलंका वैकल्पिक निवेशकों की तलाश में हैं। श्रीलंका के सिविल एविएशन मिनिस्टर निमल सीरीपाला ने बताया कि भारत ने श्रीलंका के दक्षिणी द्वीप पर एक एयरपोर्ट के निर्माण में रुचि दिखाई है। हंबनटोटा श्रीलंका के दक्षिण में बसा एक शहर है। सरकार इस शहर के महत्व को देखते हुए इसका विकास करने में लगी हुई है। जिसके लिए यहां नए बंदरगाह और एयरपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है।


author
सतीश कुमार वर्मा

लेखक न्यूज वर्ल्ड इंडिया में वेब जर्नलिस्ट हैं

कमेंट करें