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सृजन घोटाला: सुशील मोदी की चचेरी बहन के घर पड़ा IT का छापा, दिल्ली और मुंबई में भी छापेमारी

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| सितंबर 6 , 2018 , 16:15 IST

बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की चचेरी बहन रेखा मोदी के घर पर आयकर विभाग ने छापा मारा है। आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार को पटना के अलावा भागलपुर, पूर्णिया, दिल्ली और मुंबई में छापेकारी की है। भागलपुर में जिन दुकानों और बड़े प्रतिष्ठानों पर छापेमारी चल रही है, उनमें बिग शाप, फ़ैशन प्लेनेट, पुरुषम, फैशन प्वाइंट, प्रगति, रिवॉक और स्पाइकर के शो रूम शामिल हैं। इनके मालिकों के घरों पर भी आयकर की टीम पहुंची है।

बता दें कि पहले भी सृजन घोटाला में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव पहले ही मोदी परिवार पर आरोप लगा चुके हैं। जून महीने में तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया था कि घोटाले में उप मुख्यमंत्री के रिश्तेदार शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री को इसकी जानकारी थी।

तेजस्वी ने जून महीने में ट्विटर पर सृजन सहकारी समिति के कई बैंक खातों का विस्तृत विवरण साझा करते हुए दावा किया कि सुशील मोदी की रिश्तेदारों रेखा मोदी और उर्वशी मोदी के बैंक खातों में भी सृजन घोटाले के पैसे डाले गए हैं।

कैसे पड़ा 'सृजन घोटाला' नाम

इस घोटाले का नाम 'सृजन घोटाला' इस कारण पड़ा क्योंकि कई सरकारी विभागों की रकम सीधे विभागीय ख़ातों में न जाकर या वहां से निकालकर 'सृजन महिला विकास सहयोग समिति' नाम के एनजीओ के छह ख़ातों में ट्रांसफ़र कर दी जाती थी।

क्या है मामला

बता दें कि इस पूरे घोटाले की सरगना या मास्टरमाइंड मनोरमा देवी नामक महिला हैं जिनका इस साल फ़रवरी में निधन हो गया। मनोरमा देवी की मौत के बाद उनकी बहू प्रिया और बेटा अमित कुमार इस घोटाले के सूत्रधार बने। प्रिया झारखण्ड कांग्रेस के वरिस्ठ नेता अनादि ब्रह्मा की बेटी हैं जो पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय के करीबी माने जाते हैं।

मनोरमा देवी और उनकी संस्था सृजन को शुरू के दिनों में कई आईएएस अधिकारियों जिसमें - अमिताभ वर्मा, गोरेलाल यादव, के पी रामैया शामिल हैं, ने बढ़ाया। गोरेलाल यादव के समय एक अनुसंशा पर दिसंबर 2003 में सृजन के बैंक खाते में सरकारी पैसा जमा करने का आदेश दिया गया। उस समय बिहार की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी थीं। रामैया ने 200 रुपये के महीने पर सबौर ब्लॉक में एक बड़ा जमीं का टुकड़ा सृजन को दिया।

किसी जिला अधिकारी के कार्यकाल में अगर सर्वाधिक सृजन के खाते में पैसा गया तो वो था वीरेंद्र यादव जिसके 2014 से 2015 के बीच करीब 285 करोड़ सृजन के खाते में गया। वीरेन्द्र भी लालू यादव के करीबी माने जाते हैं।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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