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सुप्रीम कोर्ट का आदेश: 10 दिन के भीतर केंद्र बंद लिफाफे में दे राफेल डील की डिटेल्स

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 31 , 2018 , 13:19 IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार अगले 10 दिन में भारत के ऑफसेट साझेदार की जानकारी सहित अन्य सूचनाएं मांगी हैं। इस पर केंद्र ने कहा है कि विमान की कीमत विशिष्ट सूचना है और इसे साझा नहीं किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में केंद्र सरकार से विमान की कीमत, इसके लाभ और ऑफसेट पार्टनर चुनने की प्रक्रिया का विवरण बंद लिफाफे में मांगी है।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति यू. यू. ललित और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ की पीठ ने केन्द्र से कहा कि जो सूचनाएं सार्वजनिक की जा सकती हैं उन्हें वह याचिकाकर्ताओं के साथ साझा करे। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 नवंबर की तारीख तय की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि रणनीतिक और गोपनीय समझे जाने वाले दस्तावेजों को साझा नहीं किया जा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसे राफेल सौदे से जुड़ी तकनीकी जानकारी नहीं चाहिए। उसने केन्द्र से अगले 10 दिन में भारत के ऑफसेट साझेदार की जानकारी सहित अन्य सूचनाएं मांगी हैं। याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए पीठ ने यह भी कहा कि किसी भी जनहित याचिका में राफेल सौदे की उपयुक्तता या तकनीकी पहलुओं को चुनौती नहीं दी गई है।

सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने न्यायालय को बताया कि लड़ाकू विमान की कीमत विशिष्ट सूचना है और उसे साझा नहीं किया जा सकता है।

याचिका में राफेल मामले में FIR दर्ज कर अदालत की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही कहा गया है कि केंद्र को निर्देश दिया जाए कि जांच से जुड़े अफसरों का तबादला न किया जाए या डराया न जाए।


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