नेशनल

SC से ममता को बड़ा झटका, पूछताछ के लिए CBI के सामने पेश हों राजीव कुमार

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1468
| फरवरी 5 , 2019 , 12:42 IST

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने सारदा चिटफंड घोटाले में पूछताछ के लिए कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार को सीबीआई के सामने पेश होने का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने साथ ही यह साफ किया राजीव की फिलहाल गिरफ्तारी नहीं होगी। कोर्ट ने राजीव को शिलॉन्ग में सीबीआई के सामने पेश होने को कहा है। बता दें कि बंगाल की सीएम ममता सीबीआई के खिलाफ तीन दिन से धरने पर बैठीं हुई हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से उनको झटका लगा है। अदालत ने साथ ही राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर को सीबीआई की मानहानि याचिका पर नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी।

ममता बनर्जी बनाम CBI मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने वाली है। इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा था कि सीबीआई कोलकाता पुलिस कमिश्नर के खिलाफ सबूत लाकर दे। इस मामले पर चीफ जस्टिस रंजन गोगाई की अगुवाई में तीन जजों की बेंच सुनवाई करेगी। तीन जजों की बेंच में रंजन गोगाई के अलावा जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना भी शामिल। सीबीआई का दावा है कि कोलकाता पुलिस नष्ट कर रही है चिटफंड घोटाले के सबूत। सुप्रीम कोर्ट ने इसका साक्ष्य मांगा है। सीजेआई रंजन गोगोई ने CBI की आशंका पर कहा कि अगर इस बात के सबूत दिए जाएंगे की कोलकाता पुलिस सबूत नष्ट करने के बारे में सोच रही तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

सीबीआई ने बंगाल के चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी और कोलकाता पुलिस कमिश्नर के खिलाफ दायर याचिका में कहा है कि अधिकारियों ने जानबूझकर शीर्ष अदालत के आदेश की अवहेलना की। उधर, रविवार रात धरने पर बैठीं बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मैं जान देने के लिए तैयार हूं लेकिन समझौता नहीं करूंगी।

इसके साथ ही ममता ने कहा, ''जब केंद्र ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को हाथ लगाया तो मैं सड़क पर नहीं आई। मुझे इस बात पर नाराजगी है कि केंद्र ने एक वरिष्ठ पद का अपमान किया।''इस मामले में ममता को 21 राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिल रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, मनसे के राज ठाकरे ने ममता बनर्जी का समर्थन किया है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने भी इस मसले पर ममता बनर्जी से फोन पर बात की थी।

बता दें कि साल 2013 में सारदा चिट फंड घोटाले के मुख्य आरोपी सुदिप्तो सेन को गिरफ्तार करने वाले राजीव कुमार पर सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें कई बार समन किया गया लेकिन उन्होंने जांच में कोई सहयोग नहीं किया। उधर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूरे दमखम के साथ राजीव के साथ खड़ी हैं। ममता ने ट्वीट करके कहा कि राजीव कुमार दुनिया के बेस्ट ऑफिसर्स में से एक हैं।

संसद में भी गूंजा मामला

वहीं इस मामले को लेकर बीते दिनों संसद में भी हंगामा जारी रहा। इस दौरान गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सीबीआई अधिकारियों को उनकी ड्यूटी करने से रोका गया और ऐसी घटना देश के इतिहास में कभी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि चिटफंड घोटाले के आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। गृह मंत्री ने कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है और इसी वजह से सीबीआई को कमिश्नर के घर जाना पड़ा। इस घोटाले में कई नामचीन और राजनीतिक लोगों के होने का पता चला है। राजनाथ ने कहा कि देश की कानूनी एजेंसियों के बीच ऐसा टकराव देश के फेडरल और राजनीतिक ढांचे के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि एजेंसियों को अगर काम करने से रोका जाएगा तो इससे अव्यवस्था पैदा होगी।

क्या है विवाद

आपको बता दें सीबीआई की 40 अधिकारियों की एक टीम कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार से चिटफंड घोटाले के सिलसिले में पूछताछ करने के लिए रविवार को उनके घर पहुंची थी लेकिन टीम को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें जीप में भरकर थाने ले जाया गया। टीम को थोड़े समय के लिए हिरासत में भी रखा गया। घटना के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार की रात 8:30 बजे से धरने पर बैठी हुई हैं। इसे वह ‘संविधान बचाओ’ विरोध प्रदर्शन कह रही हैं।


कमेंट करें