नेशनल

मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड: SC ने लिया स्वत: संज्ञान, सरकार से मांगा जवाब

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
2676
| अगस्त 2 , 2018 , 14:09 IST

बिहार के मुजफ्फरपुर में बालिका गृह में हुए रेप मामले को सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: अपने संज्ञान में ले लिया है। बिहार में हुई बच्चियों के साथ हुई इस दरिंदगी पर हाइकोर्ट ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, बिहार सरकार और टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंस को नोटिस भेजा है। कोर्ट ने मीडिया को निर्देश दिया है कि वह न तो बच्चियों के फोटो धुंधले करके दिखाए, न ही उनके इंटरव्यू ले।

जस्टिस एमबी लोकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह भी कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह का कोई भी वीडियो फुटेज मीडिया में नहीं चलाया जाए। वकील अपर्णा भट्ट को इस मामले की मॉनिटरिंग के आदेश दिए गए हैं। अदालत ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी पारदर्शिता से जांच होनी चाहिए। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

बिहार में मच रहा राजनीतिक घमासान-:

आपको बता दें कि बिहार में मानवता को शर्मसार करने वाली इस वारदात के बाद राजनीतिक घमासान मचा हुआ है। मुजफ्फरपुर मामले पर गुरुवार को बिहार में वामपंथी दलों ने बंद बुलाया है। बंद को आरजेडी और कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया है। लेफ्ट पार्टियां बालिका गृह मामले में सीएम नीतीश कुमार से इस्तीफा की मांग कर रहे हैं। इससे पहले पूर्व डेप्युटी सीएम तेजस्वी यादव के नेतृत्व में आरजेडी इस घटना के विरोध में साइकल रैली भी निकाल चुकी है।

सीबीआई जांच के आदेश -:

बिहार में विपक्षी दलों ने इस मामले में नेताओं की भागीदारी का आरोप लगाया था। बाद में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 26 जुलाई को केस की सीबीआई जांच कि सिफारिश की थी। विपक्ष की मांग है कि सीबीआई जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में हो।

टाटा इंस्टीट्यूट ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में किया था खुलासा -:

मुंबई की टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस की 'कोशिश' टीम की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में इस मामले का खुलासा हुआ था। 100 पेज की रिपोर्ट 26 मई को बिहार सरकार और जिला प्रशासन को भेजी गई थी। इसके बाद बालिका गृह से 44 किशोरियों को 31 मई को मुक्त कराया गया।
इन्हें पटना, मोकामा और मधुबनी के बालिका गृह में भेजा गया।

जांच में 34 बच्चियों का यौन शोषण किए जाने की पुष्टि हुई। बालिका गृह का संचालन कर रहे एनजीओ के संचालकों पर बच्चियों से दुष्कर्म करने का आरोप है। मामले में ब्रजेश ठाकुर, बालिका गृह की अधीक्षिका इंदु कुमारी समेत नौ लोगों को जेल भेजा जा चुका है।

विपक्षी पार्टियों ने बुलाया बंद-:

बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बालिका आश्रय गृह में 34 नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के मामले में विपक्षी पार्टियों द्वारा बुलाए गए बंद से गुरुवार को रेल व सड़क यातायात प्रभावित हुआ। राष्ट्रीय जनता दल (राजद), कांग्रेस, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, समाजवादी पार्टी और लोकतांत्रिक जनता दल समेत विपक्षी दलों द्वारा राज्यव्यापी बंद का समर्थन किया जा रहा है।

इसे भी पढ़ें-: तीन तलाक और हलाला से बचने के लिए हिंदू लड़कों से शादी करें मुस्लिम लड़कियां: साध्वी प्राची

वामपंथी पार्टी के कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने रेलवे पटरियों को अवरुद्ध कर दिया जिससे गुरुवार सुबह एक दर्जन से अधिक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हुआ। रिपोटर के अनुसार, दरभंगा, मधुबनी, जहानाबाद, गया, मुजफ्फरपुर, पटना और भोजपुर जिलों में ट्रेनों को रोक दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने सिवान, भोजपुर, नवादा, पटना, अरवाल, जगबाद जिलों में कई सड़कों को भी अवरुद्ध किया।


कमेंट करें