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SC का ऐतिहासिक फैसला: सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री को मंजूरी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 28 , 2018 , 12:07 IST

केरल के सबरीमाला मंदिर पर महिलाओं के प्रवेश के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को जाने की इजाजत दे दी है। 

इस फैलसे के बाद अब सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को मंदिर में जाने की इजाजत निल गई है।, इस पर पांच जजों की संविधान पीठ ने फैसला सुनाया।

अदालत ने कहा कि महिलाओं का मंदिर में प्रवेश न मिलना उनके मौलिक और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। अदालत ने अपने फैसले में 10 से 50 वर्ष के हर आयुवर्ग की महिलाओं को मंदिर में प्रवेश को लेकर हरी झंडी दिखा दी है।

पांच न्यायाधीशों की खंडपीठ में एकमात्र महिला न्यायाधीश ने इंदु मल्होत्रा ने अलग फैसला दिया। मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा ने जस्टिस एम.एम. खानविलकर की ओर से फैसला पढ़ते हुए कहा, "शारीरिक संरचना के आधार पर महिलाओं के अधिकारों का हनन नहीं किया जा सकता।"

मिश्रा ने कहा, "सभी भक्त बराबर हैं और लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं हो सकता।"

बता दें कि इंडियन यंग लॉयर्स एसोसिएशन और अन्य ने इस प्रथा को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। उन्होंने यह कहते हुए कि यह प्रथा लैंगिक आधार पर भेदभाव करती है, इसे खत्म करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं का यह भी कहना है कि यह संवैधानिक समानता के अधिकार में भेदभाव है। एसोसिएशन ने कहा है कि मंदिर में प्रवेश के लिए 41 दिन से ब्रहचर्य की शर्त नहीं लगाई जा सकती क्योंकि महिलाओं के लिए यह असंभव है।

वहीं माहवारी की उम्र वाली महिलाओं के सबरीमाला मंदिर में प्रवेश पर रोक के इस विवादास्पद मामले पर अपना रुख बदलती रही केरल सरकार ने 18 जुलाई को उच्चतम न्यायालय से कहा था कि वह उनके प्रवेश के पक्ष में हैं।


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