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'निकाह हलाला' और बहुविवाह वैध है या नहीं? सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ करेगी फैसला

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 1
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| मार्च 26 , 2018 , 15:43 IST

निकाह हलाला और बहुविवाद वैध है या नहीं, अब इस बात की समीक्षा सुप्रीम कोर्ट करेगा। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली बेंच ने मामले को संवैधानिक पीठ में भेजने का फैसला किया है। बहुविवाह और निकाह हलाला को चुनौती देने वाली जनहित याचिकाओं पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर केन्द्र सरकार और अन्य पक्षों जवाब मांगा है। तीन जजों की पीठ ने मामले में नोटिस जारी करते हुए मामला संविधान पीठ को भेज दिया है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में चार याचिकाएं है जिनमें मुसलमानों में प्रचलित बहुविवाह और निकाह हलाला को रद करने की मांग की गई है।

Supreme-court

इससे पहले भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय और तीन तलाक केस में याचिकाकर्ता सायरा बानो ने 5 मार्च को एक जनहित याचिका दायर की थी जिसमें बहुविवाह और हलाला को असंवैधानिक करार देने की मांग की थी। इसके अलावा, जनहित याचिका में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 375 के तहत 'निकाह हलाला' को बलात्कार, और बहुविवाह को आईपीसी की धारा 494 और 498 के तहत अपराध घोषित कर असंवैधानिक करार दिया जाए।

'निकाह हलाला' क्या होता है

जिस व्यक्ति ने तलाक दिया है उसी से दोबारा शादी करने के लिए महिला को पहले किसी अन्य व्यक्ति से शादी करनी होती है और तलाक लेना होता है। उसके बाद ही दोबारा पूर्व पति से शादी हो सकती है। इस प्रक्रिया को निकाह हलाला कहते हैं। वहीं बहुविवाह एक ही समय में एक से अधिक पत्नी रखने की प्रथा है।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट एक बार में तीन तलाक को पहले ही अवैध घोषित कर रद्द कर चुका है। इसके बाद सरकार ने इस पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए तीन तलाक पर कानून लाने की तैयारी करने को कहा है। इस संबंध में बिल फिलहाल संसद में लंबित है।


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