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भारत में 1% अमीर आबादी ने हथिया लिया 73% दौलत का हिस्साः ऑक्सफैम सर्वे

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 22 , 2018 , 13:48 IST

पिछले साल भारत में जितनी संपत्ति का निर्माण हुआ, उसका 73 प्रतिशत हिस्सा देश के 1 प्रतिशत धनाढ्य लोगों ने हथिया लिया। सोमवार को जारी एक सर्वे रिजल्ट में देश में बढ़ती आय असामनता की यह भयावह तस्वीर सामने आई है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के पहले आई रिपोर्ट

इंटरनेशनल राइट्स ग्रुप ऑक्सफैम ने 'रिवार्ड वर्क, नॉट वैल्थ' टाइटल के नाम से रिपोर्ट जारी की है। ये देश में बढ़ती आय की असमानता की स्थिति बयां करती है। ये रिपोर्ट तब जारी हुई है, जब दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) होने वाला है। इसमें हिस्सा लेने के लिए नरेंद्र मोदी निकल चुके हैं। फोरम में आय और लिंग असमानता के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।
रिपोर्ट में 67% भारतीयों को देश की सबसे गरीब आबादी बताया गया है।

1% अमीर लोगों के हाथ में देश की 58% वैल्थ

पिछले साल जारी ऑक्सफैम की रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत के 1% अमीर लोगों के हाथ में देश की 58% वैल्थ है। रिपोर्ट में और क्या कहा गया? 2017 में देखा गया कि अरबपतियों की संख्या में इजाफा हुआ। 2010 से अरबपतियों की वैल्थ में एवरेज 13% का इजाफा हुआ है। ये सामान्य वर्कर्स की तनख्वाह से 6 गुना ज्यादा है। स्टडी में बताया गया है कि "भारत में ग्रामीण इलाकों में काम कर रहे वर्कर्स को टॉप एग्जीक्यूटिव की सैलरी तक पहुंचने के लिए 941 साल लगेंगे। वहीं अमेरिका में एक सीईओ एक दिन में जितना कमाता है, एक सामान्य वर्कर को कमाने में एक साल लगते हैं।''

कैसे किया गया सर्वे

ऑक्सफैम के ग्लोबल सर्वे में 10 देशों के 1 लाख 20 हजार लोगों को शामिल किया गया। ऑक्सफैम का कहना है कि सर्वे में हिस्सा लेने वाले करीब दो तिहाई लोग सोचते हैं कि अमीर और गरीब के बीच की खाई को ज्लद पाटना चाहिए। सर्वे में शामिल अमेरिका, ब्रिटेन और भारत के लोगों ने CEOs की सैलरी में 60% तक कटौती करने की बात कही।

ऑक्सफैम का सरकार को सुझाव

ऑक्सफैम इंडिया ने भारत सरकार को सुझाव दिया है कि इकोनॉमी केवल कुछ लोगों के लिए नहीं बल्कि हर आदमी के लिए काम करे। सरकार लेबर आधारित सेक्टर को बढ़ावा देकर ग्रोथ बढ़ाए, इससे नई नौकरियां आएंगी और एग्रीकल्चर में इन्वेस्टमेंट होगा।''


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