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संसद में बोलीं सुषमा- पाक ने की बेअदबी की इंतेहा, जाधव की मां-पत्नी को विधवा की तरह मिलाया

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| दिसंबर 28 , 2017 , 12:34 IST

कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी के साथ पाकिस्तान में हुए व्यवहार को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने गुरुवार को संसद में बयान दिया। विदेश मंत्री ने राज्यसभा में अपने संबोधन में कहा कि पाकिस्तान ने मुलाकात को लेकर बेअदबी की इंतेहा पार की।

उनके मंगलसूत्र तक उतरवा लिए गए। उन्होंने सुहाग की दुहाई दी, लेकिन इसके बाद भी उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्हें सुहागन होते हुए भी विधवाओं की तरह पेश किया गया।

सुषमा स्‍वराज ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर परिवार के कपड़े तक उतरावा दिए गए। जाधव की मां साड़ी पहनती है लेकिन उन्‍हें पहनने को सूट दिया गया। सुषमा स्‍वराज ने कहा कि पत्‍नी के ही नहीं मां के भी बिंदी, चूड़ी और मंगलसूत्र उतरावाया था। कुलभूषण की मां ने पाकिस्‍तान के अधिकारियों से कहा था कि ये मेरा सुहाग का प्रतीक है और मैंने कभी नहीं उतरा था।

सुषमा ने कहा, 'जब जाधव ने अपनी मां के गले में मंगलसूत्र नहीं देखा तो पूछा कि बाबा केसे हैं। सुषमा ने कहा कि दोनों सुहागनों को एक विधवा की तरह पेश किया गया। जाधव की मां अपने बेटे से मराठी में बात करना चाहती थी। जब वो बात करती थी, तो इंटरकोम को बंद किया गया।

सुषमा स्वराज ने कहा कि कुलभूषण जाधव के परिवार की मुलाकात राजनयिक कोशिशों से हुई थी।

सरकार ने जाधव मामले को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उनपर जारी किए गए फांसी के फैसले को टाल दिया गया है। मुश्किल की घड़ी में सरकार परिवार के साथ है, हमने परिवार के सदस्यों की जाधव से मिलने की इच्छा को पूरा किया।

ये खेद का विषय है कि मुलाकात में इस तरह का व्यवहार किया। सुषमा ने कहा कि पाकिस्तान ने इस मुलाकात को प्रोपेगेंडा बनाया। जाधव की मां सिर्फ साड़ी पहनती हैं, उनके भी कपड़े भी बदलवा दिए गए। मीडिया को मां और पत्नी के नजदीक आने दिया गया, जो हमारी शर्तों के खिलाफ था।

मुलाकात से लौटने के बाद मां-पत्नी ने बताया कि कुलभूषण दबाव में हैं। उनके कैद करने वालों ने जो उन्हें बोलने के लिए कहा था जाधव सिर्फ वही बोल रहे थे। पाकिस्तान जाधव की मां-पत्नी के जूतों के साथ कुछ शरारत कर सकता है। इस मीटिंग में सिर्फ मानवाधिकार के नियमों का उल्लंघन ही हुआ है।

सुषमा ने कहा, "इस मुलाकात से उपजी आपत्तियों को हमने पाकिस्तान को बता दिया है। पाकिस्तानी प्रेस को न केवल जाधव के परिवार के पास आने का मौका दिया गया, बल्कि उन्हें ताने-उलाहने दिए गए। उन पर झूठे आरोप लगाए गए। उन्हें परेशान होने दिया गया।"

"मैंने उनकी मां से आज सुबह दोबारा बात कर यह बात पूछा। मां ने कहा कि जिस वक्त वे मंगलसूत्र उतार रही थीं तो उन्होंने गुजारिश कि ये मेरे सुहाग की निशानी है, इसे ना उतारें। लेकिन अफसरों ने कहा कि वे सिर्फ ऑर्डर फॉलो करें।

सुषमा स्वराज ने कहा, "गाड़ी को जानबूझकर रोका गया ताकि मीडिया उन्हें प्रताड़ित कर सके। जाधव की पत्नी के जूते उतरवाए गए। मांगने पर भी नहीं दिया गया।"

"हमें लगता है कि पाकिस्तान के लोग इससे शरारत करने वाले हैं। हमारी आशंका सच साबित हो रही है। कभी कहते हैं कि जूते में कैमरा था, कभी कहते हैं कि चिप थी। इन्हीं जूतों को पहनकर जाधव की पत्नी एयरइंडिया से दुबई और वहां से एमिरेट्स की फ्लाइट से इस्लामाबाद पहुंची थीं। दो-दो बार सिक्युरिटी चेक हुआ। किसी को रिकॉर्डर और चिप नजर नहीं आई। चिप थी तो उसी वक्त दिखाते। अब शरारत कर रहे हैं।"

"जाधव की मां और पत्नी ने बताया कि कुलभूषण तनाव और दबाव में थे। कैद करने वालों ने जो सिखा-पढ़ाकर भेजा था, वो वही बोल रहे थे। उनकी बोलचाल और हावभाव से पता चल रहा था कि वे पूरी तरह स्वस्थ भी नहीं हैं। पाकिस्तान इसे मानवतावादी कोशिश के तौर पर पेश कर रहा है। लेकिन इस मीटिंग से इंसानियत गायब थी। इस मीटिंग में जाधव के परिवार के लोगों का उल्लंघन ही हो रहा था।"

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जाधव पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, वो झूठे और फर्जी हैं। पाकिस्तान में कोई लोकतंत्र नहीं है, हम पाकिस्तान को अच्छी तरीके से जानते हैं। जाधव की मां-पत्नी के साथ जो भी हुआ है, वो अपमान पूरा देश का है। कांग्रेस के अलावा अन्य सभी पार्टियों ने भी सरकार के बयान का समर्थन दिया।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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