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घरेलू बाजार में एक साल में 28 फीसदी महंगा हुआ कच्चा तेल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अप्रैल 16 , 2018 , 14:29 IST

सीरिया पर अमेरिका,फ्रांस और ब्रिटेन द्वारा हुए हवाई हमले का असर आज अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें पर देखने को मिला। रिसर्च फर्म जेपी मॉर्गन (JP Morgan) का कहना है कि ब्रेंट क्रूड के दाम 80 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकता है। जेपी मॉर्गन के मुताबिक अमेरिका ने सीरिया पर जो हमला किया है उसके कारण मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है। इस कारण ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंध भी लगने का आशंका बढ़ गई है। अगर कच्चे तेल की कीमत 80 डॉलर के पार गई तो भारत में पेट्रोल और डीजल के भाव आसमान पर पहुंच जाएंगे।

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में लगातार तेजी रहने से घरेलू वायदा बाजार में तेल का भाव पिछले एक साल में करीब 28 फीसदी बढ़ा है जबकि पिछले तीन साल में देखें तो लोकल कमोडिटी एक्सचेंज पर कच्चे तेल के दाम में 32 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ है। 

कच्चे तेल में आई हालिया तेजी भू-राजनीतिक तनाव से प्रेरित है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की तरफ से सीरिया में सैन्य कार्रवाई शुरू करने से खाड़ी देशों का संकट गहरा गया है जिससे पिछले हफ्ते कच्चे तेल का भाव पिछले करीब 40 महीने के ऊपरी स्तर पर चला गया।

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हालांकि सोमवार को थोड़ी नरमी थी मगर भाव अभी तक करीब तीन साल से अधिक के ऊपरी स्तर पर बना हुआ है। अमेरिकी क्रूड 0.86 फीसदी फिसलकर 66.81 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था और लंदन ब्रेंट क्रूड 0.73 फीसदी की गिरावट के साथ 71.85 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था। 

केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर विजय केडिया भू.राजनीतिक दबाव को ही कच्चे तेल के दाम में तेजी का प्रमुख कारण मानते हैं। उन्होंने कहा कि निस्संदेह सीरिया और यमन का संकट तेल के भाव में उछाल आने का कारण है, मगर ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पश्चिम की टेढ़ी नजर, ओपेक देशों द्वारा उत्पादन में कटौती से भी तेल बाजार में तेजी का रुख रहा है। 

उनके मुताबिक, अमेरिका में शेल से तेल के उत्पादन में बढ़ोतरी से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव पर लंबी अवधि में दबाव रह सकता है। 

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में न्यूयार्क मर्के टाइल एक्सचेंज पर अमेरिकी कच्चा तेल यानी डब्ल्यूटीआई के मई एक्सपारी वायदे का भाव पिछले हफ्ते 67 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बंद हुआ। 

वहीं, बेंट्र क्रूड लंदन में आईसीई पर साढ़े 72 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर के भाव पर बंद हुआ।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर कच्चे तेल का अप्रैल वायदा पिछले हफ्ते के अंतिम कारोबारी सप्ताह 4403 रुपये प्रति बैरल की ऊंचाई छूने के बाद तकरीबन गत कारोबारी सत्र के मुकाबले एक फीसदी की बढ़त के साथ 4,362 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुआ। 

जबकि एक साल पहले की तुलना में एमसीएक्स पर कच्चे तेल का अप्रैल वायदा 13 अप्रैल यानी पिछले हफ्ते के अंतिम कारोबारी सप्ताह को एक साल पहले के मुकाबले 961 रुपये प्रति बैरल या करीब 28 फीसदी की बढ़त के साथ 4403 रुपये प्रति बैरल की ऊंचाई छूने के बाद 942 रुपये यानी साढ़े 27 फीसदी की बढ़त के साथ 4,362 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुआ।

एक साल पहले 13 अप्रैल 2017 को कच्चे तेल का अप्रैल एक्सपायरी वायदा 3,442 उछलने के बाद 3,420 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुंआ था। 

तीन साल पहले के स्तर से तुलना करें तो एमसीएक्स पर कच्चे तेल का अप्रैल वायदा 13 अप्रैल को तीन साल पहले के मुकाबले 1084 रुपये प्रति बैरल या करीब साढ़े 32 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। 

तीन साल पहले 13 अप्रैल 2015 को कच्चे तेल का अप्रैल एक्सपायरी वायदा 3,319 उछलने के बाद 3,273 रुपये प्रति बैरल पर बंद हुंआ था। 

 


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