राजनीति

तेज प्रताप का दर्द, विरोधी उनके और तेजस्वी के बीच फूट डालने की कर रहे हैं कोशिश

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 9 , 2018 , 21:17 IST

राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद के बड़े पुत्र और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव को शादी के बाद जैसे राजनीति से मोहभंग हो गया है। तेजप्रताप ने अपने एक ट्वीट से इसके संकेत दिए हैं। भगवान कृष्ण के भक्त तेजप्रताप ने शनिवार को एक ट्वीट के जरिए खुद के द्वारका चले जाने की बात कही और इशारों ही इशारों में तेजस्वी को सबकुछ सौंप देने की भी बात कही। इस दौरान उन्होंने हालांकि कुछ 'चुगलों' (आलोचकों) की भी बात लिखी है। 

तेजप्रताप ने ट्वीट कर लिखा, "मेरा सोचना है कि मैं अर्जुन को हस्तिनापुर की गद्दी पर बैठाऊं और खुद द्वारका चला जाऊं। अब कुछेक 'चुगलों' को कष्ट है कि कहीं मैं किंग मेकर न कहलाऊं । राधे राधे।"

इतना ही नहीं तेजप्रताप यादव ने स्थानीय चैनल से अपना दर्द भी शेयर किया। उन्होंने कहा, "भाई भाई को लड़वाना चाहते हैं पार्टी के लोग। राजद में कुछ असामाजिक तत्व आ गया है जो भाई भाई में लड़वाना चाहते हैं. मेरी बात को पार्टी के नेता नहीं सुनते. मेरी नाराजगी इस बात की है कि छात्र राजद मेहनत करता है लेकिन उस पर किसी का ध्यान नहीं।''

उधर तेजप्रताप ने एक और ट्वीट कर अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी दी है। तेजप्रताप ने लिखा, संघीयों.., अफवाह फैलाने की कोशिश मत करो और कान खोलकर सुन लो "तेजस्वी मेरे कलेजे का टुकड़ा है।"

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी अपने छोटे बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव को बनाया है। यही कारण है कि महागठबंधन की सरकार बनने के बाद तेजस्वी को जहां उपमुख्यमंत्री बनाया गया था, वहीं तेजप्रताप को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया था। लालू की गैर मौजूदगी में हुए उपचुनावों में राजद की जीत से राजनीति में तेजस्वी का कद बढ़ा है। बड़े भाई तेजप्रताप का कुछ ही दिनों पहले विवाह हुआ है।


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