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खाने से नहीं बच्चों की उल्टी से बीमार हुए तेजस के यात्री: जांच रिपोर्ट

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 17 , 2017 , 07:55 IST

तेजस एक्सप्रेस में परोसा गया खाना खाकर यात्रियों के बीमार पड़ने के मामले में नया मोड़ आया है।तेजस एक्सप्रेस ट्रेन में फूड प्वॉयजनिंग की जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि खाने की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं थी। बताया गया है कि दो बच्चों को उल्टी आने के बाद एसी कोच का वातावरण खराब हुआ और लोगों में बेचैनी हुई थी।

जांच दल ने बताया कि ट्रेन में परोसे गए खाने की गुणवत्ता संतोषजनक थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश के पर्यटकों के दल में शामिल दो बच्चों के उल्टी करने के बाद बेचैनी का पहला मामला सामने आया। बंद एसी कोच में बदबू के कारण लोगों में बेचैनी बढ़ी और उसके बाद दो और बच्चों ने उल्टी कर दी।

इस घटना के बाद सी1, सी2, सी5, सी7 कोच के कुछ यात्रियों के इस कोच से गुजरने के बाद उन्होंने भी बेचैनी की शिकायत की।

इस बीच, कोंकण रेलवे ने कहा है कि सभी बीमार यात्रियों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है।

तेजस एक्सप्रेस में नाश्ता करने के बाद 26 यात्रियों के बीमार होने के बाद वरिष्ठ रेलवे और आईआरसीटीसी अधिकारियों की एक तीन सदस्यीय समिति बनाई गई।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कोलकाता के एक और पर्यटक समूह ने बेचैनी की शिकायत की। समूह के टूर मैनेजर ने कहा कि वे महाराष्ट्र और गोवा में पिछले 16 दिनों से लगातार यात्रा कर रहे हैं और अपने द्वारा लाया गया खाना ही खा रहे थे। इस खाने में कोलकाता की हिल्सा मछली भी शामिल थी।

रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया कि खाने की गुणवत्ता के साथ कोई समस्या नहीं थी। हालांकि रिपोर्ट में ये बात साफ नहीं की गई कि इस समूह ने ट्रेन का नाश्ता किया था या अपने द्वारा लाई गई सामग्री ही खाई थी।

ये भी साफ नहीं हो पाया कि क्या मछली की गंध की वजह से ही तो बच्चों को उल्टी नहीं हुई। रेलवे ने कहा कि उसके अधिकारियों ने 20 यात्रियों से बात की और उनके बयान दर्ज किए हैं।

गौरतलब है कि गोवा से मुंबई जा रही तेजस एक्सप्रेस में 26 यात्रियों के बीमार पड़ने की शिकायत की जांच के लिए रविवार को वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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