राजनीति

मुजफ्फरपुर कांड: दिल्ली में धरने से पहले तेजस्वी ने खत लिखकर साधा नीतीश पर निशाना

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1403
| अगस्त 4 , 2018 , 13:22 IST

मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड पर बिहार में तो राजनीति गर्मा रही ही है उस गर्मी का असर दिल्ली में भी देखने को साफ-साफ मिल रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विरोध अब दिल्ली तक पहुंच गया है। राष्ट्रीय जनता दल के विधायक तेजस्वी यादव आज राजधानी में जंतर-मंतर पर नीतीश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। धरने से पहले तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार के नाम खुला पत्र लिख उनपर निशाना साधा है।

तेजस्वी ने अपने पत्र में सीएम नीतीश से कई सवाल पूछते हुए जमकर निशाना साधा है। तेजस्वी ने पत्र में लिखा है कि महीनों की रहस्यमयी चुप्पी देखकर मैं यह खुला पत्र लिखने को विवश हुआ हूं। यह विशुद्ध रूप से गैर-राजनीतिक पत्र है। बच्चियों के साथ हुई अमानवीय घटना से मैं सो नहीं पाया हूं। आप कैसे चुप रह सकते हैं। यह आपसे बेहतर कौन जानता होगा? जिनका जमीर ही मर चुका हो वो जिंदा रहकर भी क्या करेगा।

हालांकि इस यौन शोषण कांड पर शुक्रवार को पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुप्पी तोड़ी और इसे शर्म का विषय बताया। नीतीश कुमार ने इस घटना पर अफसोस जाहिर करते हुए ये भी कहा कि जो पापी हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा लेकिन विपक्ष आरजेडी नीतीश कुमार के इतने आश्वासन से संतुष्ट नहीं है। तेजस्वी इस कांड के बहाने नीतीश सरकार को घेरने की कोशिश में हैं।

इस मामले में 31 मई को 11 लोगों के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। ठाकुर समेत 10 लोगों को तीन जून को गिरफ्तार किया गया था। एक व्यक्ति फरार है।

इस केस में बिहार समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति का नाम भी आ रहा है, जिस पर विवाद बना हुआ है। दरअसल, इस मामले में गिरफ्तार जिला बाल संरक्षण अधिकारी रवि रोशन की पत्नी ने यह आरोप लगाया है कि मंत्री के पति चंद्रशेखर वर्मा अक्सर बालिका गृह में जाया करते थे। वहीं, पीड़ित लड़कियों ने अपने बयान में बताया है कि वहां कोई बड़े पेट वाले नेता जी आते थे। इसी आधार पर विपक्ष मंजू वर्मा के इस्तीफे की मांग कर रहा है। हालांकि, वह अपने पति को निर्दोष करार दे रही हैं।

नीतीश एक के बाद एक निशाना साधते हुए तेजस्वी ने पत्र में आगे लिखा है, 'मैं दुखी हूं क्योंकि जिनकी खिलौने से खेलने की उम्र थी वे खिलौना बन गईं। वो अनाथ मासूम लड़कियां किसी का वोटबैंक नहीं हैं इसलिए हमें क्या लेना-देना? उनसे हमारा कोई रिश्ता थोड़े ना था, वे लुटती रहीं, पिटती रहीं, शर्मशार होती रहीं, बेइज्जत होती रहीं, कराहती रहीं, चीखती रहीं, मरती रहीं और सरकार गहरी नींद में सोती रही।'

इसे भी पढ़ें-: अमित शाह की मौजूदगी में वसुंधरा ने शुरू की 'राजस्थान गौरव यात्रा'

तेजस्वी यही नहीं रुके बल्कि राज्य सरकार पर संरक्षण देने का भी आरोप लगा दिया। उन्होंने लिखा, 'आपकी सरकार के संरक्षण उनका ऐसा शोषण हुआ जिसे सोचकर रूह कांप जाती है। क्या यही सुशासन है जहां, पुलिस ने आंखे मूंद ली थी। यह समाज और सरकार का सबसे घिनौना, सबसे गंदा चेहरा है।'


कमेंट करें