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कौन है 3 पुलिसवालों का हत्यारा रियाज नायकू? A++ कैटेगरी का है ये आतंकी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 21 , 2018 , 15:26 IST

जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में आतंकियों ने कायरता दिखाते हुए 3 पुलिसकर्मियों की अगवा कर हत्या कर दी। तीनों पुलिसकर्मियों के गोलियों से छलनी शव कापरान गांव के एक जंगल से बरामद किए हैं। इनके नाम फिरदौस, कुलवंत सिंह और निसार अहमद बताए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जिन आतंकियों ने इन्हें अगवा कर मौत के घाट उतारा है उन्होंने हाल ही में तीनों पुलिसकर्मियों को नौकरी छोड़ने की धमकी दी थी। इसी के बाद इस निर्मम घटना को अंजाम दिया गया है। घटना में हिज्बुल कमांडर रियाज नायकू का नाम सामने आया है।

बता दें कि नाइकू ने ही 12 मिनट के एक वीडियो के जरिये अपहरण की जिम्मेदारी ली थी। उसने वीडियो में आतंकियों के सभी परिजनों को रिहा करने के लिए तीन दिन का वक्त भी दिया था। यही नहीं कुछ दिन पहले हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों ने भी पोस्टर और वॉट्सऐप मेसेज के जरिए पुलिसकर्मियों को इस्तीफा देने, नहीं तो अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। जम्मू-कश्मीर के कई गांवों में इसके पोस्टर्स भी लगाए गए थे। विडियो में आतंकियों ने यह भी कहा था कि इस्तीफे की कॉपी इंटरनेट पर अपलोड की जाए। बता दें कि बीते कुछ समय से जम्मू-कश्मीर पुलिसकर्मियों या उनके परिजनों को आतंकियों द्वारा अगवा किए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं।

14 परिजनों की हुई थी रिहाई

आतंकियों से पुलिसकर्मियों के परिजनों की रिहाई के लिए सुरक्षबलों ने आतंकियों के रिश्तेदारों को भी छोड़ा था। कुछ समय पहले ही आतंकी संगठन हिज्बुल ने पुलिसकर्मियों के 14 परिजनों को छोड़ दिया था। इसकी शुरुआत हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू के पिता समेत आतंकियों के चार रिश्तेदारों की गिरफ्तारी के बाद हुई थी।

जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आतंकियों के रिश्तेदारों की रिहाई के बाद हिज्बुल ने अगवा किए 14 लोगों को आजाद कर दिया था। आतंकियों ने अगवा किए गए सभी 14 लोगों का सोशल मीडिया पर अलग-अलग विडियो पोस्ट किया था, जिसमें वे पूर्व डीजीपी एसपी वैद से यह अपील करते देखे गए थे कि आतंकियों के परिजनों को परेशान न किया जाए।

कौन है रियाज नायकू?

रियाज नायकू उर्फ मोहम्मद बिन कासिम सेना की हिटलिस्ट में काफी ऊपर है। उसे A++ श्रेणी का आंतकी बताया गया है। बांदीपोरा का रहने वाला नायकू 2010 से कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में शामिल है। रियाज नायकू को कट्टर आतंकियों के बीच उदारवादी चेहरा माना जाता रहा है। 29 साल के रियाज नायकू को हिजबुल कमांडर सबजार बट की मौत के एक दिन बाद ही नया कमांडर नियुक्त कर दिया गया था।

Riyaz naiko

टेक-सैवी नाइकू संगठन से वैचारिक विरोध का हवाला देकर अलग हुए जाकिर मूसा के विचारों की लगातार वह मुखालफत करता रहा है। रियाज चर्चा में उस वक्त आया था जब 11 मिनट का एक वीडियो जारी कर उसके सहयोगी जुबैर की तरफ से कश्मीरी पंडितों को संबोधित करते हुए उनसे घाटी में लौटने की अपील की गई थी।

रियाज की अल-कायदा से टक्कर

पिछले साल दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के अवंतीपुरा में मारे गए आतंकवादी शारिक अहमद के अंतिम संस्कार में रियाज शामिल हुआ था। तब उसने हाथ में एके 47 लिए हुए अंतिम संस्कार में आए लोगों के सामने भाषण दिया था। सामने आए एक विडियो में वह लोगों से अपील करता दिख रहा था, 'अल-कायदा के जाल में नहीं फंसें क्योंकि यह हमारे स्वतंत्रता आंदोलन को बदनाम कर रहा है।' उसने कहा था कि कश्मीर में अल कायदा इकाई गठित करने से जुड़ा बयान ‘कश्मीर वासियों की आजादी की लड़ाई को बदनाम करने के उद्देश्य से दिया गया है।

22 अगस्त से अब तक 9 पुलिसकर्मी मारे गए

पुलिसकर्मियो की हत्या का सिलसिला 22 अगस्त से जारी है। 22 अगस्त को ईद-उल-जुहा के बाद से आतंकी अब तक 9 पुलिसकर्मियों की हत्या कर चुके हैं। ईद के दिन ही आतंकियों ने साउथ कश्मीर में तीन पुलिसवालों की घर में घुसकर हत्या कर दी थी। ये तीनों ईद मनाने अपने घर आए थे। इसके अलावा बुधवार को एस्कॉर्ट ड्यूटी में तैनात चार पुलिसकर्मियों की शोपियां में हत्या कर दी गई थी।

 


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