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भारतीय वायु सेना में शामिल होने के लिए भारत पहुंचे 4 चिनूक हेलिकॉप्टर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 10 , 2019 , 16:27 IST

एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने रविवार को भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के लिए प्रथम चार सीएच-47एफ (आई) मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर के गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पहुंचने की घोषणा की। बोइंग की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि सीएच-47 एफ (आई) चिनूक को चंडीगढ़ भेजा जाएगा, जहां इन्हें औपचारिक रूप से इस साल के अंत में भारतीय वायुसेना में शामिल किया जाएगा।

बयान में आगे कहा गया है, "सीएच-47 एफ (आई) चिनूक एक उन्नत मल्टी-मिशन हेलीकॉप्टर है, जो भारतीय सशस्त्र बलों को लड़ाकू और मानवीय मिशनों के पूरे स्पेक्ट्रम में बेजोड़ सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता प्रदान करेगा।"

सितंबर 2015 में भारत के बोइंग और अमेरिकी सरकार के बीच 15 चिनूक हेलिकॉप्टर्स खरीदने के लिए करार किया गया था। अगस्त 2017 में रक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लेते हुए भारतीय सेना के लिए अमेरिकी कंपनी बोइंग से 4168 करोड़ रुपये की लागत से छह अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर, 15 चिनूक भारी मालवाहक हेलीकॉप्टर अन्य हथियार प्रणाली खरीदने के लिए मंजूरी प्रदान की थी।

CH-47F चिनूक क्यों है विशेष-:

मशीन: यह आइकॉनिक ट्विन रोटोर चौपर युद्ध में अपनी जरूरत को कई बार साबित कर चुका है। चिनूक हेलिकॉप्टर्स को वियतनाम से लेकर अफगानिस्तान और इराक तक के युद्ध में इस्तेमाल किया जा चुका है। सबसे पहले चिनूक हेलिकॉप्टर को 1962 में उड़ाया गया था और तब से अब तक इसकी मशीन में बड़े अपग्रेड हो चुके हैं। फिलहाल यह दुनिया के सबसे भारी लिफ्ट चौपर में से एक है।

बता दें कि अमेरिकी सेना भी इस हेलिकॉप्टर का उपयोग करती है। अमेरिकी कंपनी बोइंग द्वारा बनाया जाने वाला यह एक एडवांस्ड मल्टी मिशन हेलीकॉप्टर है। इसमें पूरी तरह से इंटीग्रेटेड, डिजिटल कॉकपिट मैनेजमेंट सिस्टम, कॉमन एविएशन आर्किटेक्चर कॉकपिट और एडवांस्ड कार्गो-हैंडलिंग क्षमताएं हैं। जो मिशन के दौरान इस हेलिकॉप्टर के प्रदर्शन और इसकी हैंडलिंग को बेहतर बनाते हैं।


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