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अब सौर ऊर्जा से रोशन होगा देश, सरकार ने सब्सिडी का दायरा बढ़ाकर किया दोगुना

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 22 , 2017 , 20:17 IST

अब सौर ऊर्जा से रोशन होगा देश। केंद्र सरकार ने गैर-परंपरागत ऊर्जा को बढ़ावा देने का फैसला लिया है। इसी सिलसिले में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक में सौर पार्क और अल्ट्रा मेगा सौर विद्युत परियोजनाओं के विकास के लिए कई अहम फैसले को मंजूरी दी गई।    

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सरकार ने सोलर पार्क और यूएमपीपी की सब्सिडी का दायरा 20 हजार मेगावॉट से बढ़ाकर 40 हजार मेगावॉट कर दी है। इसके अलावा कैबिनेट ने एसजेवीएनएल यानि सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड को नेपाल में 3 हाइड्रो पावर प्लांट बनाने को भी मंजूरी दे दी है।पीएम की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में इसका अनुमोदन किया गया। ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार के प्रयासों से सौर ऊर्जा की कीमतें औसतन 3 रुपये 30 पैसे प्रति यूनिट पर आ गई है। इन दामों पर लगातार कमी की कोशिश की जा रही है। 

कैबिनेट की इस मंजूरी के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में 500 मेगावाट उत्पादन क्षमता वाले 50 अतिरिक्त सौर ऊर्जा पार्क विकसित करने का मार्ग प्रशस्त होगा। सरकार ने कहा है कि हिमालय और अन्य पहाड़ी राज्यों के दुर्गम इलाकों में छोटे-छोटे पार्क लगाने पर विचार किया जा रहा है। सरकार ने राज्यों की मांग पर अतिरिक्त सौर ऊर्जा पार्क विकसित करने का फैसला किया है। इस परियोजना को साल 2019-20 के दौरान विभिन्न राज्यों में लगाई जाएंगी। इसके लिए केन्द्र सरकार 8100 करोड़ रुपए की वित्तीय मदद देगी। 

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परियोजना से फायदा:

इन परियोजनाओं से सालाना बिजली उत्पादन की क्षमता करीब 64 अरब यूनिट होगी। जिससे पर्यावरण में हर साल 5 करोड़ 50 लाख टन कार्बन के उत्सर्जन को रोका जा सकेगा। तीसरी बात सौर परियोजनाओं से जुड़े अन्य उद्योगों में भी रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 

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सोलर पार्कों के लिए शर्तें: 

सौर पार्कों का विकास और भूमि चिह्नित करने और इनका प्रबंधन देखने का काम राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें केन्द्र के सहयोग से करेंगी। इसके लिए उन्हें परियोजना प्रस्ताव नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय को मंजूरी के लिए भेजना होगा। जिसके बाद मंत्रालय की ओर से पार्क विकसित करने का अनुबंध लेनी वाली कंपनियो को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए 25 लाख रुपए जारी करेगा। परियोजना की मंजूरी मिलने के बाद केन्द्र की ओर से वित्तीय मदद के रुप में 20 लाख रुपए या परियोजना की लागत राशि का 30 फीसदी जो भी कम होगा जारी किया जाएगा। इसके अलावा परियोजना को ग्रिड से जोड़ने का खर्च भी केन्द्र सरकार की ओर दिया जाएगा।

कैबिनेट के इस फैसले से जहां देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा वहीं पर्यावरण में हो रहे प्रदूषण को रोकने में भी मदद मिलेगी।
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