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अमेरिका में इकोनोमिक शटडाउन, बिना सैलरी छुट्टी पर भेजे गए White house के स्टाफ

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 20 , 2018 , 14:58 IST

अमेरिका में आर्थिक विधेयक को संसद से मंजूरी नहीं मिलने से गंभीर आर्थिक संकट पैदा हो गया है। पांच साल के बाद यह पहला मौका है जब अमेरिकी सरकार को आर्थिक बंदी के दौर से गुजरना पड़ रहा है। दरअसल सरकारी खर्चे पर एक अहम आर्थिक विधेयक संसद में पास नहीं हो सका। नतीजा अमेरिका में पांच साल के बाद शटडाउन की नौबत आ गई। सरकारी कर्मचारी को बिना सैलरी के काम करना पड़ रहा है।

डेमोक्रेट पार्टी ने संसद में गिराया आर्थिक बिल

यह शटडाउन देर रात उस वक्त शुरू हुआ जब अमेरिकी सरकार की फंडिंग अचानक से खत्म हो गई। सीनेट द्वारा आर्थिक विधेयक रिजेक्ट कर देने के बाद यह नौबत आई है। बता दें कि इस बिल को गुरूवार को संसद ने मंजूरी दे दी थी। लेकिन विप्क्षी पार्टी डेमोक्रेट ने संसद में इस बिल को सिरे से खारिज कर दिया। माना जा रहा है कि डेमोक्रेट का यह कदम डोनाल्ड ट्रंप की सरकार और रिपब्लिक पार्टी को अवैध इमीग्रेशन को फिर से बहाल करने पर मजबूर करने के लिए उठाया गया है।

न्यूज एजेंसी रायटर को दिए इंटरव्यू में न्यूयॉर्क के सिनेटर और डेमोक्रेट नेता चक शुमर ने शटडाउन के लिए डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेवार ठहराया है। वहीं व्हाइट हाउस ने बयान जारी कर कहा है कि डेमोक्रेट ने जानबूझ कर देश में आर्थिक बंदी का संकट लाया है। आर्थिक विधेयक को ब्लॉक कर सरकार को ब्लैकमैल करना चाह रही है डेमोक्रेट पार्टी के नेता। हम डेमोक्रेट से कोई समझौता नहीं करेंगे। अवैध इमीग्रेशन पर डेमोक्रेट की मांग गैरकानूनी है। सिर्फ 60 वोट के लिए यह आर्थिक विधेयक सदन के पटल पर गिर गई।

ट्रंप ने डेमोक्रेट पर लगाया आरोप

यह एक महज संयोग है कि बतौर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक साल पूरा होने पर अमेरिका में यह शटडाउन की नौबत आई है। डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेट पर तंज कसते हुए ट्वीट किया है कि- यह अमेरिका की सामरिक सुरक्षा लिए सही नहीं है, खासकर तब जब हमारे दक्षिणी सीमा पर खतरे की स्थिति उत्पन्न हो गई है। डेमोक्रेट हमारे सरकार द्वारा चलाए गए टैक्स कट की सफलता को नकारना चाहते हैं और हमारी उपलब्धि को नकारना चाहते हैं।

गौरतलब है कि 2013 में बराक ओबामा के समय साल 2013 में अमेरिका को पहले शटडाउन के दौर से गुजरना पड़ा था। जब रिपब्लिकन पार्टी ने ओबामा के हेल्थ बिल को पास करने से इनकार कर दिया था।

शटडाउन से अमेरिका पर क्या पड़ेगा असर

1. व्हाइट हाउस के स्टाफ में होगी कटौती

ट्रंप प्रशासन ने कहा कि मौजूदा समय में व्हाइट हाउस में 1, 715 स्टाफ हैं। शटडाउन के बाद इसकी संख्या 1000 की जाएगी। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप को अलग से सपोर्टर दिए जाएंगे, ताकि वे अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन ठीक तरह से कर सकें। ट्रंप स्विटजरलैंड के दावोस में 23 जनवरी से शुरू हो रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक समिट में शिरकत करने वाले हैं। इस समिट के लिए ट्रंप को अगर जरूरत पड़ी, तो एडिशनल स्टाफ दिया जाएगा। 

2. अफगानिस्तान से नहीं बुलाए जाएंगे सैनिक

शटडाउन के बाद भी ट्रंप प्रशासन अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों को बुलाने के मूड में नहीं है। अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिक पिछले 16 साल से तालिबानी आतंकियों और हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। रक्षा विभाग का कहना है कि शटडाउन का असर अफगानिस्तान में चल रहे यूएस मिलिट्री ऑपरेशन पर नहीं पड़ेगा। अभी अफगानिस्तान में 1.3 मिलियन सैनिक एक्टिव ड्यूटी पर हैं। इनमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। 

3. न्याय विभाग से कम होगा स्टाफ

आर्थिक संकट के बाद ट्रंप प्रशासन न्याय विभाग से स्टाफ कम कर सकता है। मौजूदा वक्त में अमेरिकी न्याय विभाग 1 लाख 15 हजार स्टाफ हैं। फिलहाल 95 हजार स्टाफ से ही काम चलाया जाएगा। कई जजों और वकीलों को छुट्टी पर भेजा जा रहा है। 

4. खुले रहेंगे नेशनल पार्क, लाइब्रेरी और म्यूजियम

शटडाउन के बाद भी नेशनल पार्क, लाइब्रेरी, लिंकन मेमोरियल और स्मिथसनियन म्यूजियम खुले रहेंगे। 2013 में हुए शटडाउन में अमेरिकी सरकार ने इन्हें अस्थायी तौर पर बंद रखा था। ऐसे में सरकार को काफी नुकसान हुआ था. बता दें कि नेशनल पार्क में रोजाना करीब 75 हजार लोग आते हैं।

5. आर्थिक सुविधाओं पर पड़ेगा असर

अगर सीनेट में ये बिल पास नहीं हुआ, तो मार्केट पॉलिसिंग सिक्योरिटीज़ और एक्सचेंज कमीशन के स्टाफ के एक हिस्से को भी बिना सैलरी छुट्टी पर भेजा जा सकता है। कमोडिटी फीचर्स ट्रेडिंग कमीशन ने आर्थिक संकट पर तत्काल प्रभाव से 95 फीसदी स्टाफ को छुट्टी पर भेज दिया है।

6. हेल्थकेयर एंड सोशल सिक्योरिटी पेमेंट

साल 2013 में आए आर्थिक संकट के दौरान मेडिकेयर हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम पर कुछ खास असर नहीं पड़ा था. हालांकि, यूएस सेंटर की ओर से चलाए जा रहे डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) प्रोग्राम जरूर प्रभावित हुआ था. ट्रंप प्रशासन के मुताबिक, इस बार भी कोशिश रहेगी कि यह सेक्टर प्रभावित न हो. फिर भी स्टाफ को आने वाले समय के लिए तैयार रहने का कहा गया है.

7. रोजमर्रा की चीजें भी होंगी प्रभावित

अमेरिकी शटडाउन का असर व्यक्ति की उन चीजों और सुविधाओं पर भी पड़ेगा, जिसका इस्तेमाल वे रोजमर्रा की जिंदगी में करते हैं. इसमें पेट्रोल, ग्रोसरी भी शामिल है.

क्या है अमेरिकी शटडाउन

अमेरिका में एंटीडेफिशिएंसी एक्ट लागू है। इस एक्ट के तहत अमेरिका में पैसे की कमी होने पर संघीय एजेंसियों को अपना कामकाज रोकना पड़ता है, यानि उन्हें छुट्टी पर भेज दिया जाता है। इस दौरान उन्हें सैलरी नहीं दी जाती। इसे सरकारी भाषा में शटडाउन कहा जाता है। अमेरिका के इतिहास में कई बार शटडाउन की स्थिति आ चुकी है। 1981, 1984, 1990, 1995-96 और 2013 के दौरान अमेरिका के पास खर्च करने के लिए पैसा नहीं बचा था। 


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