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धूल घोंट रही है दिल्ली वालों का दम, अगले 24 घंटे में भी राहत की उम्मीद नहीं

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जून 14 , 2018 , 13:02 IST

दिल्ली में बढ़ती प्रदूषण की समस्या ने लोगों का सांस लेना दूभर कर दिया है। आलम यह है कि शहर ने धूल की चादर ओढ़ ली है और लोगों का हाल बेहाल हो रहा है। गौरतलब है कि सर्दियों में स्मॉग से परेशान रहने वाली दिल्ली को गर्मियों में भी उसी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सीपीसीबी के अनुसार दिल्ली का एयर इंडेक्स 445 रहा। सफर के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले 24 घंटे तक इस प्रदूषण से दिल्ली को राहत नहीं मिलेगी। जानकारों का मानना यह भी है कि राजस्थान से चल रही धूल भरी आंधी ने दिल्ली वालों का सांस लेना मुश्किल कर दिया है। धूल और धुंध का आलम यह है कि सूरज भी दिन में धुंधला दिखाई दे रहा है। दिल्ली से सटे नोएडा में तो हालात और भी खराब हैं।

प्रदूषण बढ़ने की सबसे बड़ी वजह पीएम 10 का स्तर है। दिल्ली की 20 जगहों पर पीएम 10 का स्तर 10 गुना से अधिक रहा। सबसे अधिक पीएम 10 का स्तर मुंडका में 1804 एमजीसीएम (माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर), नरेला में 1702, नरेला में 1646, रोहिणी में 1666, जहांगीरपुरी में 1552, अरबिंदो मार्ग पर 1530, पंजाबी बाग में 1488, आनंद विहार में 1405, जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 1462, पटपड़गंज में 1312, अशोक विहार मे 1499 रहा। पीएम 2।5 का स्तर भी बवाना में सबसे अधिक 411, कर्णी सिंह स्टेडियम में 321, मेजर ध्यान चंद स्टेडियम में 333, पटपडगंज में 318, वजीरपुर में 301 एमजीसीएम रहा।

सीपीसीबी के अनुसार शाम 6 बजे पीएम 10 का स्तर 850 एमजीसीएम रहा। इसकी वजह से दिल्ली में विजिबिलिटी कम रही और धूल की चादर देखने को मिली। सीएसई पहले ही गर्मियों में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जता चुकी है। इसी माह जारी एक रिपोर्ट में सीएसई (सेंटर फॉर साइंस ऐंड इन्वाइरनमेंट) ने दावा किया था कि एक अप्रैल से 27 मई 2018 के बीच 65 पर्सेंट दिनों में दिल्ली का एयर इंडेक्स खराब और बहुत खराब रहा है। इस दौरान सिर्फ एक पर्सेंट दिल्ली दिल्ली वालों को साफ हवा में सांस लेने का मौका मिला।

डीपीसीसी के अनुसार इस समय पीएम 10 का स्तर काफी अधिक है। पीएम 2।5 का स्तर काफी जगहों पर बहुत अधिक नहीं है। तेज हवाओं की वजह से धूल बढ़ी है और यही पीएम 10 बढ़ने की वजह है। एक्सपर्ट के अनुसार इस तरह के धूल भरे प्रदूषण में रहने पर लोगों को कफ, एलर्जी, लंग इंफेक्शन, दिल की बीमारी आदि का खतरा होता है।

वहीं इस धुंधले माहौल के बीच मंगलवार की सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर इस धूल की वजह से विजिबिलिटी भी 3।5 किलोमीटर रही जो शाम तक कम होकर 1।5 किलोमीटर रह गई। ईपीसीए के चेयरमैन डॉ। भूरे लाल के अनुसार स्थिति पर हम नजर रखे हुए हैं। सिविक एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं। यदि 24 घंटे तक इसी तरह का प्रदूषण स्तर रहता है तो उचित कदम उठाए जाएंगे।

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आज मौसम की समीक्षा सरकार द्वारा की जाएगी। यदि आज शाम तक प्रदूषण ऐसा ही रहा तो शाम से ट्रक, कंस्ट्रक्शन साइट्स पर कुछ दिनों के लिए रोक लगाईं जा सकती है।


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