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इस बार की बसंत पंचमी है ख़ास , जानिए क्या है सरस्वती पूजा का इतिहास

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 21 , 2018 , 21:30 IST

हिंदू कैलेंडर के हिसाब से बसंत पंचमी का त्योहार हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की बसंत पंचमी के दिन मनाया जाता है। बता दें इस साल देशभर में बसंत पंचमी का त्योहार 22 जनवरी को मनाया जा रहा है। यह त्यौहार मानाने के पीछे की मान्यता है कि इस दिन माता सरस्वती का जन्म हुआ था।

इस दिन सरस्वती माता की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। बता दें बसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है। देवी सरस्वती को ज्ञान, कला, बुद्धि, गायन-वादन की अधिष्ठात्री हमेशा से ही माना जाता है। इसलिए इस दिन विद्यार्थी, लेखक और कलाकार देवी सरस्वती की उपासना करते हैं और उनकी पूजा आरती भी करते हैं।

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विद्यार्थी अपनी किताबें, लेखक अपनी कलम और कलाकार अपने म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट और बाकी चीजें को मां सरस्वती के सामने रखकर पूजा करते हैं। जानकारी के लिए बता दें यह त्योहार पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।

सरस्वती पूजा या बसंत पंचमी के दिन लोग पीले कपड़े पहनकर पूजा करते हैं। भारतीय पंचांग में 6 ऋतुएं हैं, इनमें से वसंत ऋतुओं का राजा भी माना जाता है।

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वसंत ऋतु का आगमन पतझड़ के बाद होता है। वहीं वसंत ऋतु का आगमन नई फसल के उगने और फूलों के खिलने का त्योहार भी कहा जाता है। मान्यता तो ऐसी भी है कि वंसत पचंमी से ठंड कम हो जाती है और दिन तेजी से बड़े होने लगते हैं।

जबकि वहीं मंदिरों में भगवान की मूर्ति का वसंती कपड़ों और फूलों से श्रंगार किया जाता है। दुनिया भर में धूम-धाम के साथ यह महोत्सव सेलिब्रेट किया जाता है।




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