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मौनी अमावस्या: देश भर में लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी, जाने ये दिन क्यों है खास

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 4 , 2019 , 10:21 IST

इस बार मौनी अमावस्या 4 फरवरी को पड़ी है। कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली अमावस्या को माघी अमावस्या भी कहते हैं। यह तिथि बेहद पवित्र मानी जाती है। इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्‍नान कर के अन्न, वस्त्र और धन का दान करने से जीवन के सभी पाप धुल जाते हैं। इस दिन पितरों का तर्पण भी किया जाता है। ऐसा करने से उन्‍हें शांति मिलती है।

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इस दिन मौन रहने से पुण्य लोक, मुनि लोक की प्राप्ति होती है। मौनी अमावस्या के दिन कई लोग कुछ खास उपाय करते हैं जिससे घर की सुख-समृद्धि में बढ़ोत्तरी होती है।

मौनी अमावस्या के मौके पर गंगा में डुबकी लगाने के लिए सोमवार को पश्चिमी यूपी और दिल्ली-एनसीआर से लाखों लोग छोटा हरिद्वार कहे जाने वाले गुढ़मुक्तेश्वर पहुंचेंगे। ऐसा माना जाता है कि मौनी अमावस्या के दिन सुबह देर तक नहीं सोना चाहिए। इस दिन जल्दी उठकर पूजा पाठ करना चाहिए। अमावस्या की रात श्मशान घाट या उसके आस-पास नहीं घूमना चाहिए। इस दिन सुबह जल्दी उठें और मौन रहते हुए पानी में काले तिल डालकर स्नान करें। यह शुभ होता है।

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एक और अहम बात कही जाती है कि इस दिन स्त्री और पुरुष को शारीरिक संबंध नहीं बनाना चाहिए। मौनी अमावस्या पर यौन संबंध बनाने से पैदा होने वाली संतान को जीवन में कई तरह के कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इन चीजों से जितना हो सके बचना चाहिए।

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मौनी अमावस्या का दिन देवता और पितरों का माना जाता है। इसलिए इस दिन पितरों को खुश करने के लिए जहां तक हो सके अपने गुस्से पर काबू रखें। किसी से बिना वजह गाली गलौज मारपीट न करें। शांत रहकर भगवान का नाम लें।

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ऐसा कहा जाता है कि इस दिन बरगद, मेहंदी और पीपल के पेड़ के नीचे जाने से बचना चाहिए। मान्यता है कि इस दिनों पेड़ों पर आत्माओं का वास रहता है और अमावस्या के दिन वो और भी शक्तिशाली हो जाती हैं। इसलिए ऐसे पेड़ों के नीचे न जाएं।

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