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सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या विवाद पर सुनवाई जारी

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 14 , 2018 , 15:38 IST

अयोध्या के राम मंदिर-बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई के लिए सभी कागजी कार्रवाई और अनुवाद का काम पूरा हो गया है। आज बुधवार को इसकी सुनवाई की जाएगी। सुनवाई शुरू होने से पूर्व ही पक्षकारों ने अपने-अपने वकीलों संग दिल्ली में डेरा डाल दिया है। पक्षकारों का कहना है कि अब सुप्रीम कोर्ट से ही आस है, इस मामले को और टाला नहीं जाना चाहिए, जल्दी से जल्दी निर्णय सुनाने की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि इस मुकदमे की पिछली तारीख पर सुप्रीम कोर्ट ने सभी प्रपत्रों का अनुवाद करने का निर्देश दिया था। प्रधान न्यायाधीश जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच अब सुनवाई की दिशा तय करेगी।

हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ सबसे पहले सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लिहाजा पहले बहस करने का मौका उन्हें मिल सकता है।

बता दें कि इस मामले से जुड़े 9,000 पन्नों के दस्तावेज और 90,000 पन्नों में दर्ज गवाहियां पाली, फारसी, संस्कृत, अरबी सहित विभिन्न भाषाओं में हैं, जिस पर सुन्नी वक्फ बोर्ड ने कोर्ट से इन दस्तावेजों को अनुवाद कराने की मांग की थी।

क्या था हाईकोर्ट का फैसला-

28 साल सुनवाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दो एक के बहुमत से 30 सितंबर, 2010 को जमीन को तीन बराबर हिस्सों रामलला विराजमान, निर्मोही अखाड़ा और सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड में बांटने का फैसला सुनाया था। भगवान रामलला को वहीं हिस्सा दिया गया, जहां वे विराजमान हैं। हालांकि, हाई कोर्ट का फैसला किसी पक्षकार को मंजूर नहीं हुआ और सभी 13 पक्षकार सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए। सुप्रीम कोर्ट ने मई 2011 को अपीलों को विचारार्थ स्वीकार करते हुए मामले में यथास्थिति कायम रखने का आदेश दिया था, जो यथावत लागू है।

क्या कहना है पक्षकारों का-

पक्षकार इकबाल अंसारी ने बताया कि वह दिल्ली नहीं जा रहे हैं, जब उनकी आवश्यकता होगी तो जाएंगे। फिलहाल अपने वकीलों के संपर्क में रहकर और समाचार चैनलों के माध्यम से पूरे मामले पर नजर रखेंगे।

सभी पक्षकारों का कहना है कि सुलह-समझौते की गुंजाइश अब दूर की बात हो गई। इसलिए हमारी आस तो अब सुप्रीम कोर्ट पर ही टिकी हुई है। पक्षकारों ने कहा कि फैसला किसी के हक में हो सभी को मान्य होगा।

उधर, अयोध्या मामले के पक्षकार महंत धर्मदास ने कहा कि राममंदिर पर अब राजनीति बंद होनी चाहिए। सुलह-समझौते के नाम पर कुछ लोग अपनी दुकान चमकाने पर लगे हैं। उन्होंने कहा कि जो भी होना है वह सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से ही होना है।

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सुनवाई में शामिल होने के लिए पक्षकार हाजी महबूब भी दिल्ली रवाना हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि सुलह-समझौते से मामला हल हो जाए तो अच्छा ही है। देश में भाईचारा कायम रहे। कहा कि मामले में सुप्रीम कोर्ट जो निर्णय देगा वह मानेंगे।


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