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महात्मा गांधी के पोते नहीं चाहते कि बापू की हत्या की फिर से जांच हो!

अमितेष युवराज सिंह | न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 30 , 2017 , 14:59 IST

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की फिर से जांच करवाने के लिए दी गई याचिका का गांधीजी के पड़पोते तुषार गांधी ने विरोध किया है। महात्मा गांधी की हत्या के मामले को फिर से खोलने वाली याचिका पर तुषार ने सुप्रीम कोर्ट में विरोध जताया है। न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति एमएम शांतानागौदर की पीठ ने यह जानना चाहा कि तुषार किस हैसियत से इस याचिका का विरोध कर रहे हैं?

तुषार गांधी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि अगर अदालत इस मामले पर आगे बढ़ती है और नोटिस जारी करती है तो वह स्थिति के बारे में समझा सकेंगी।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि इस मामले में कई सारे किंतु-परंतु हैं और अदालत न्यायमित्र अमरेंद्र शरण की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहेगी। अमरेंद्र शरण ने रिपोर्ट दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगते हुए कहा था कि उन्हें राष्ट्रीय अभिलेखागार से दस्तावेज अभी नहीं मिले हैं।

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वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने कहा कि वह महात्मा गांधी की हत्या के 70 वर्ष पुराने मामले को फिर से खोले जाने का विरोध कर रही हैं और याचिकाकर्ता के याचिका दायर करने के अधिकार पर भी सवाल उठा रही हैं। याचिकाकर्ता मुंबई के रहने वाले पंकज फडनीस हैं। वह अभिनव भारत के न्यासी और शोधकर्ता हैं। इस मामले को पीठ ने चार सप्ताह बाद के लिए सूचीबद्ध किया है। शीर्ष अदालत ने इस मामले में सहयोग के लिए छह अक्टूबर को वरिष्ठ अधिवक्ता शरण को न्यायमित्र नियुक्त किया था।

आपको बता दें कि बापू की 30 जनवरी 1948 को नई दिल्ली में नाथूराम गोडसे ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। याचिकाकर्ता पंकज फडनीस इस मामले को फिर से खुलवाना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी।


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