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UNSC की स्थायी सदस्यता के लिए वीटो की रट छोड़े भारत: अमेरिका

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अक्टूबर 18 , 2017 , 13:34 IST

संयुक्त राष्ट्र में लंबे समय से स्थाई सदस्यता को लेकर प्रयास कर रहे भारत के सामने अमेरिका ने एक शर्त रख दी है। अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने कहा है कि यदि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता चाहता है तो उसे वीटो की अपनी रट छोड़नी होगी। यानी इसका मतलब ये हुआ कि भारत को अगर स्थायी सदस्यता मिली भी तो उसके पास किसी प्रस्ताव पर वीटो करने का अधिकार नहीं होगा। वहीं, निक्की हेली ने इस बात को भी स्पष्ट कर दिया कि रूस और चीन दो ऐसी वैश्विक शक्तियां हैं जो सुरक्षा परिषद के मौजूदा ढांचे में बदलावों के खिलाफ हैं।


अमेरिका भारत मैत्री परिषद द्वारा आयोजित एक समारोह में हेली ने कहा कि, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ये सुधार वीटो से कहीं अधिक बड़ी चीज है। सुरक्षा परिषद के पांचों स्थायी सदस्यों के पास वीटो का अधिकार है। जिसमें रूस, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के पास ये शक्ति है और वह कोई इसे छोड़ना भी नहीं चाहता और ना ही इस ताकत को दूसरे देश के साथ साझा करना चाहते हैं। इसलिए सुरक्षा परिषद में भारत को शामिल करने की मुख्य बात ये है कि वह वीटो का राग अलापना बंद करे।

Nikki-haley

हेली ने दावा किया कि अमेरिका सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए तैयार है और हमेशा इस पर जवाब देता है। हालांकि, हेली ने ये भी कहा कि अमेरिकी कांग्रेस या सीनेट की सुरक्षा परिषद सुधारों में कोई बहुत अधिक भूमिका नहीं है। उन्होंने कहा कि, सही बात कहूं तो वह सही मायने में कुछ नहीं कर सकते। क्योंकि सुरक्षा परिषद का स्वरूप कैसा हो? इस मसले पर सुरक्षा परिषद के सदस्य कांग्रेस की बात नहीं सुनेंगे।

Donald

हेली ने कहा कि अमेरिका तो पहले से ही तैयार है लेकिन सुरक्षा परिषद के दो स्थायी सदस्यों रूस और चीन पर ध्यान देने की जरूरत है जो कि सुरक्षा परिषद में किसी प्रकार का बदलाव नहीं देखना चाहते।

आपको बता दें कि, भारत की स्थायी सदस्यता का चीन ने कभी भी खुलकर समर्थन नहीं किया है। इसी साल की शुरुआत में चीन ने इस मसले पर गोलमोल जवाब दिया था।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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