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कैबिनेट के फैसले: नई टेलीकॉम नीति मंजूर, चीनी उद्योग को 5,500 करोड़

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 26 , 2018 , 18:02 IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को  हुई बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। बैठक में नयी दूरसंचार नीति को मंजूरी, गन्ना, रेल, होटेल समेत कई अहम फैसले लिए गए हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेंस कॉन्फ्रेंस कर इस महत्वपूर्ण जानकारी दी।

नई दूरसंचार नीति को मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नयी दूरसंचार नीति को मंजूरी दे दी। इस नई नीति को राष्ट्रीय डिजिटल संचार नीति  2018 का नाम दिया गया है। इसके तहत 2022 तक क्षेत्र में 100 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने और 40 लाख रोजगार के अवसरों के सृजन का लक्ष्य है। नीति के मसौदे के तहत एनडीसीपी द्रुत गति की ब्रॉडबैंड पहुंच बढ़ाने, 5 जी और आप्टिकल फाइबर जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकी के उचित मूल्य में इस्तेमाल पर केंद्रित है। मसौदे में कर्ज के बोझ से दबे दूरसंचार क्षेत्र में नयी जान फूंकने के लिए स्पेक्ट्रम शुल्क आदि को तर्कसंगत बनाने का प्रस्ताव किया गया है।

चीनी उद्योग को 5,500 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि पॉलिसी के तहत शुगर मिलों को ट्रांसपोर्ट, हैंडलिंग आदि के खर्चे के लिए, खासतौर से निर्यात में विशेष मदद दी जाएगी।इसके साथ ही शुगर इंडस्ट्री को 5,500 करोड़ रुपये का पैकेज दिए जाने की घोषणा की गई है।

MCI पर ऑर्डिनेंस को मंजूरी

कैबिनेट बैठक में मेडिकल काउंसिल ऐक्ट में संशोधन के लिए ऑर्डिनेंस को मंजूरी दे दी है। इस पर राष्ट्रपति ने अपनी मुहर भी लगा दी है। जेटली ने बताया कि अध्यादेश के तहत विशेषज्ञों की एक समिति मेडिकल काउंसिल को चलाएगी।

छत्तीसगढ़ में रेल लाइन का ऐलान

छत्तीसगढ़ में कथगौरा से लेकर दोनगढ़ तक रेल लाइन की घोषणा की गई है। राज्य सरकार और रेलवे के बीच इस तरह का पहला जॉइंट वेंचर होगा। 294 किमी लंबी लाइन पर 5,950 करोड़ रुपये लागत आएगी।

पटना में नया डमेस्टिक टर्मिनल

पटना एयरपोर्ट पर नया डमेस्टिक टर्मिनल बनाने को मंजूरी दी गई है। वित्त मंत्री ने बताया कि इसकी अनुमानित लागत 1216.90 करोड़ रुपये होगी। उन्होंने आगे बताया कि कुछ ऐसे होटेल्स थे, जो बनते-बनते रुक गए थे। पटना का पाटलिपुत्र अशोक होटेल और गुलमर्ग का अधूरा होटेल इन दोनों को अब राज्य सरकारों को वापस कर दिया जाएगा।

GSTN अब सरकारी कंपनी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) को 100 प्रतिशत सरकारी कंपनी बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। जेटली ने कहा कि GSTN यूपीए सरकार के कार्यकाल में बनी थी। उस समय 49 फीसदी सरकार और 51 फीसदी वित्तीय संस्थानों की शेयरहोल्डिंग थी। इन कंपनियों का कैरेक्टर प्राइवेट था जबकि 49 फीसदी में आधा-आधा केंद्र और राज्य सरकारों का था। अब ये 100 फीसदी सरकारी कंपनी बन जाएगी।


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