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यूपी: आधी रात को जेल से छूटा भीम आर्मी प्रमुख रावण, रिहा होते ही BJP पर साधा निशाना

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 14 , 2018 , 11:42 IST

सहारनपुर में पिछले साल हुए जातीय दंगे के आरोप में सजा काट रहे भीम आर्मी संस्थापक चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण की लगभग 1 साल कुछ महीने यानी कुल 15 महीने जेल में रहने के बाद गुरुवार की देर रात रिहा हो गया है। योगी सरकार ने रावण के रिहाई का फैसला लिया है। चंद्रशेखर उर्फ रावण को रासुका के के तहत गिरफ्तार किया गया था। रावण की रिहाई एक नवंबर को होनी थी, लेकिन योगी सरकार ने इसे कम कर दिया।

बता दें कि चंद्रशेखर आजाद की रिहाई की मांग को लेकर 19 अगस्त को भीम आर्मी द्वारा दिल्ली में प्रदर्शन किया था। भीम आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न सिंह ने एक वार्ता के दौरान कहा था कि उन्होंने इस रैली के माध्यम से चंद्रशेखर आजाद की रिहाई और उनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत दर्ज मामले हटाने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दलितों और जातीय भेदभाव से संबंधित मुद्दों पर अंकुश लगाने में सरकार के विफल रहने से गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है।

रिहा होते ही रावण का BJP पर हमला-:

वहीं, सहारनपुर की जेल से रिहाई के तुरंत बाद चंद्रशेखर रावण ने सभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जोरदार हमला बोला। रावण ने कहा कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव में BJP को हराना है। बीजेपी सत्ता में तो क्या विपक्ष में भी नहीं आ पाएगी। बीजेपी के गुंडों से लड़ना है। उन्होंने कहा कि सामाजिक हित में गठबंधन होना चाहिए।

किसके साथ जाएगा "रावण"-:

चंद्रशेखर रिहाई के साथ गुजरात के दलित नेता जिगनेश मेवाणी की सक्रियता भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी और चंद्रशेखर के रूप में दलितों का नया नेतृत्व मिलेगा। रावण को साथ लेने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत कई बड़े नेता भी लगातार प्रयासरत रहे हैं, लेकिन जेल में उनकी मुलाकात नहीं हो सकी थी। अब जेल से रिहा होने के बाद रावण किसको अपने साथ लेता है और किसको नहीं, इसी पर सभी सियासी दलों के रणनीतिकारों की निगाहें लगी हैं।

2016 में वास्तविकता में आया 'भीम आर्मी भारत एकता मिशन'

भीम आर्मी भारत एकता मिशन यह है इस संगठन का पूरा नाम है। इसका गठन 2014 में चंद्रशेखर आजाद उर्फ रावण ने किया था। यह संगठन सबसे पहले अप्रैल 2016 में तब चर्चाओं में आया जब गांव घड़कौली में एक बोर्ड को लेकर जातीय संघर्ष हो गया था। इस संघर्ष में खासा हंगामा हुआ था। इसके बाद भी संगठन ने एक समाज के लोगों की समस्याओं को उठाते हुए कई बार प्रदर्शन किए, लेकिन तब तक इसकी कोई विशेष पहचान नहीं थी।

भीम आर्मी-:

9 मई 2017 को सहारनपुर में हुई हिंसा और शब्बीरपुर प्रकरण के बाद इस संगठन का नाम सभी की जुबां पर चढ़ गया। इसी हिंसा के मामले में 8 जून 2017 को रावण की गिरफ्तारी हिमाचल प्रदेश के डलहौजी से की गई थी, वह तभी से जेल में है। उस पर रासुका भी लगी थी और उसकी रासुका की अवधि 2 नवंबर को पूरी हो रही थी। लेकिन करीब डेढ़ माह पहले अब सरकार उसकी रिहाई करने जा रही है। उसकी रिहाई को सियासत में खासा अहम माना जा रहा है।


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