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देवबंद और संवेदनशील इलाकों में पासपोर्ट रखने वालों के दस्तावेजों की हो रही है जांच

अमितेष युवराज सिंह | न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अक्टूबर 31 , 2017 , 14:10 IST

उत्तर प्रदेश के देवबंद में लगातार आंतकी गतिविधियों की सूचनाओं के बाद अब यूपी पुलिस ने संवेदनशील कस्बों में रहने वाले सभी लोगों के पासपोर्ट का वेरिफिकेशन करना शुरू कर दिया है। इसके साथ ही सहारनपुर और मुजफ्फरनगर जिलों में भी सारे पासपोर्ट की जांच शुरू की गई है।

उत्तर प्रदेश एटीएस ने हाल ही में दो बांग्लादेशी संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। उनके पास देवबंद के पते का पासपोर्ट मिला था। सहारनपुर डीआईजी केएस इमेनुएल ने बताया कि लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (एलआईयू) को भी इस पूरे अभियान में यूपी पुलिस के साथ शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त विदेशी छात्रों के दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। सैकड़ों विदेशी छात्र देवबंद के दारुल उलूम में पढ़ते हैं।

Passport

डीआईजी ने बताया कि यह चेकिंग अभियान सिर्फ देवबंद या किसी विशेष समुदाय के लिए नहीं है। मुजफ्फरनगर और सहारनपुर में भी यह अभियान चल रहा है क्योंकि यहां से भी आंतकी गतिविधियों की सूचनाएं आ रही थीं। जितने भी लोगों के पास पासपोर्ट हैं उन सभी के दस्तावेजों की जांच होगी। पिछले कई ऐसे उदाहरण हैं जब यहां के कई संदिग्ध की पहचान पर सवाल उठा हैं।

डीआईजी ने कहा कि अगस्त में मुजफ्फरनगर से एक बांग्लादेशी संदिग्ध आतंकी पकड़ा गया था। उसका पासपोर्ट सहारनपुर के पते पर बना था। पुलिस देश की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर सकती। इसलिए इन इलाकों के सभी पासपोर्ट रखने वाले लोगों के दस्तावेजों की जांच करेगी ताकि ऐसे लोगों को पकड़ा जा सके।

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अगस्त में ही यूपी एटीएस ने बांग्लादेशी नागरिक अब्दुल्ला अल मामून को पकड़ा था। वह आंतकवादी संगठन अंसर्रुल्ला बांग्ला टीम का सदस्य था। अब्दुल्ला देवबंद में पिछले कई वर्षों से रह रहा था। उसे मुजफ्फरनगर से गिरफ्तार किया गया था। उसके कई साथी भी बाद में इलाके से उठाए गए थे। 5 अक्टूबर को यूपी एटीएस ने एक भगौड़े आंतकवादी फैजान अहमद के लिए इलाके में मुनादी भी करवाई थी।

फैजान पर आरोप है कि वह युवाओं को आंतकवादी संगठनों से जोड़ने का काम करता है। वह यूपी में ऐसा करने वाला एक प्रमुख शख्स है। एटीएस ने मुजफ्फरनगर से अब्दुल्ला मामून को गिरफ्तार किया था। उसके बाद सहानपुर में फैजान के घर में छापा मारा। एटीएस को फैजान के घर से आईएसआईएस का साहित्य मिला था।


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