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अपराध के खिलाफ CM योगी का बड़ा कदम, UP विधानसभा में पास हुआ UPCOCA बिल

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 27 , 2018 , 16:08 IST

योगी सरकार के उत्तर प्रदेश में अपराध पर लगाम लगाने के लिए संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (यूपीकोका) को विधानसभा में मंजूरी मिल गयी है। अब ये कानून मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। बता दें कि चार महीने पहले विधान परिषद में बीजेपी के पास बहुमत न होने के चलते पास नहीं हो सका था।

संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (यूपीकोका) बिल पिछले साल 21 दिसंबर को भी विधानसभा से पास हो गया था। जिसके बाद बिल को विधान परिषद भेजा गया। लेकिन विपक्ष की आपत्तियों के बाद इसे सदन की प्रवर समिति के पास भेज दिया गया था।

वहां से लौटने के बाद बीते 13 मार्च को सरकार द्वारा इस पर विचार का प्रस्ताव विपक्ष की एकजुटता के कारण गिर गया था। लिहाजा अब प्रक्रिया के तहत इसे फिर से विधानसभा में पेश किया जा रहा है।

विधानसभा में सीएम योगी ने कहा कि यूपीकोका आज की जरूरत है। संगठित अपराध को रोकने के लिए एक कानून की आवश्यकता महसूस की जा रही है। हम एक बार फिर जनता की सुरक्षा के हित में यूपीकोका को लाए हैं।

यूपी की सीमा खुली हुई हैं, उनकी सुरक्षा के लिए एक कानून की जरूरत है ताकि आम जनमानस की सुरक्षा की गारंटी भी दे सके। उन्होंने कहा कि अभी तक जो प्रयास सरकार ने किए उसके परिणाम अच्छे आए हैं।

बकौल सीएम योगी, ये महसूस किया जा रहा है कि इसके बावजूद भी अपराध नियंत्रण के लिए कठोर कानून की ज़रूरत है। पिछले एक साल में त्यौहार शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुए. पहले लोग त्यौहार आते ही भययुक्त हो जाते थे।

सीएम ने आगे कहा कि डायल 100 की जो गाड़ियां वसूली के लिए कुख्यात हो चुकी थीं, उनकी जवाबदेही तय की गई है. पूरे प्रदेश के अंदर हत्या, डकैती, रोड होल्ड अप, आगजनी जैसी घटनाओं में कमी आई है। पुलिस ने अपनी भूमिका का सही निर्वहन किया है।

सीएम ने कहा कि यूपी में पिछले 1 साल में शांतिपूर्ण ढंग से पर्व और त्यौहार मनाए गए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले पर्व और त्यौहार लोगों में भय पैदा करते थे, लोगों में डर रहता था कि पता नहीं क्या हो जाए।

उन्होंने कहा कि सभी थानों में दो-दो और वाहन उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस आधुनिकीकरण की और व्यवस्था की जा रही है। सीएम ने कहा​ कि विपक्ष को बोलने के अधिकार है। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को जनता के लिए काम करने का अधिकार है। लेकिन जहां वो अपराधी का महिमा मंडन करेंगे तो वहां स्थिति गड़बड़ हो जाती है।

इस दौरान सपा विधाायक डॉ संग्राम सिंह ने कहा कि सरकार विपक्ष को यूपीकोका बिल से डरा रही है।यूपी कोका पूरी तरह काला कानून है। यूपीकोका मानवाधिकार का हनन करता है। सदन में हमने इस कानून का विरोध किया है।

वहीं, यूपीकोका बिल पर मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा​ कि यूपीकोका बिल पर विपक्ष के तर्क आधारहीन हैं। सरकार कड़े कानून से संगठित अपराध को रोकना चाह रही है। प्रदेश में हम अपराधियों को संदेश देना चाह रहे हैं। अपराध पर नियंत्रण के लिए कठोर कानून ज़रूरी है।

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गौरतलब है महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) की तर्ज पर कानून बनाने के लिए लाए गए इस विधेयक का विपक्ष कड़ा विरोध कर रहा है। उसका कहना है कि सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों का दमन करने के लिए इसे पारित कराना चाहती है।


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