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UPCOCA के विरोधियों पर योगी का तंज,कहा- जब सावन ही आग लगाए...!

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 21 , 2017 , 21:26 IST

योगी सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश में अपराध पर शिकंजा कसने के लिए मकोका के तर्ज पर विधेयक यूपीकोका (UPCOCA)लाया गया है। विपक्षी दलों के लगातार विरोध के बावजूद उत्तर प्रदेश विधानसभा में पास हो गया है। नए कानून के तहत अंडरवर्ल्ड, जबरन वसूली, जबरन मकान और जमीन पर कब्जा, वेश्यावृत्ति, अपहरण, फिरौती, धमकी और तस्करी जैसे अपराध शामिल होंगे।

गौरतलब है कि यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में इस विधेयक को पेश किया गया था। सपा-बसपा ने इस बिल का विरोध करते हुए वॉकआउट किया।

बसपा सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती लगातार यूपीकोका का विरोध कर रही हैं, उनका कहना है कि इसका इस्तेमाल दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ होगा। बीएसपी इस कानून का विरोध करती है और व्यापक जनहित में इसे वापस लेने की मांग करती है। उन्होंने यूपीकोका को जनता के लिए अभिशाप तक कह डाला।

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों की इस आशंका को गलत बताया कि संगठित अपराध से निपटने के लिए बनाए जा रहे कानून यूपीकोका का दुरूपयोग होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून संगठित अपराध में लिप्त लोगों की कमर तोड़ देगा।

योगी ने कटाक्ष किया कि विपक्ष के बयानों को देख रहा हूं पर जब सावन ही आग लगाए.... तो उसको कौन बचाए। गैंगस्टर एक्ट से तुलना करेंगे तो उससे भी बेहतर ये कानून है। उन्होंने कहा कि यह कानून संगठित अपराध में लिप्त लोगों की कमर तोड़ देगा। अगर आप उसका बचाव कर रहे हैं तो अफसोसजनक है।

उन्होंने कहा कि उसी को ध्यान में रखकर पिछले 9 महीनों के दौरान हमारी सरकार ने प्रदेश के अंदर इस प्रकार का वातावरण बनाने का हरसंभव प्रयास किया और हमें काफी हद तक सफलता भी मिली है।

जानिए क्या है UPCOCA का प्रावधान?

1. यूपीकोका (UPCOCA) का पूरा नाम उत्तर प्रदेश कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट है।
2. उत्तर प्रदेश अपराध के खिलाफ यूपीकोका कानून लाने वाला महाराष्ट्र के बाद दूसरा राज्य है।
3. उत्तर प्रदेश सरकार यूपीकोका कानून को यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेश करने जा रहा है।
4. किसी भी तरह का संगठित अपराध करने वाले व्यक्ति पर इस यूपीकोका कानून के तहत ही कार्यवाही की जाएगी।
5. यूपीकोका कानून के तहत आरोपी माने गये व्यक्ति को 6 माह तक किसी भी तरह से जमानत नहीं मिल सकेगी।
6. यूपीकोका कानून के तहत किसी भी व्यक्ति के ऊपर केस तभी दर्ज किया जाएगा जब आरोपी कम से कम दो संगठित अपराधों में शामिल रहा हो. साथ ही आरोपी के खिलाफ चार्जशीट का दाखिल होना भी जरूरी है।
7. यूपीकोका कानून के तहत किसी गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुलिस को 180 दिनों का समय दिया जाएगा. अभी तक चार्जशीट दाखिल करने के लिए 60 से 90 दिन ही मिलते थे।
8. यूपीकोका कानून के अनुसार किसी अपराधी के लिए कम से कम 5 सालों की सजा निर्धारित होगी. इसकी अधिकतम सजा फांसी होगी।
9. राज्य स्तर पर यूपीकोका कानूनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए इसके मामलों की जांच खुद गृह सचिव करेंगे।
10. मंडल के स्तर पर कम से कम आई जी रैंक के अधिकारी की संस्तुति के बाद ही किसी के खिलाफ यूपीकोका के तहत केस दर्ज किया जा सकेगा।
11. जिला स्तर पर डीएम और कमिश्नर स्तर के अधिकारीगण यूपीकोका के तहत हुए मामलों की जांच करेंगे।


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