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भारत को छूट की खबरों के बीच ट्रंप का धमकी भरा ट्वीट- लिखा 'आ रहे हैं प्रतिबंध'

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 3 , 2018 , 11:21 IST

भारत के ईरान से तेल खरीदने पर प्रतिबंधों से छूट देने वाला अमेरिका 5 नवंबर से ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने जा रहा है। प्रतिबंध शुरू होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर पर पोस्टर वार की शुरुआत कर दी है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ट्विटर पर अपना एक पोस्टर शेयर किया जिस पर लिखा है, 'प्रतिबंध आ रहे हैं'। ट्रंप का यह पोस्टर HBO चैनल पर आने वाली प्रसिद्ध टीवी सीरीज 'गेम ऑफ थ्रोन्स' की थीम पर बना हुआ है।

राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट से ये साफ जाहिर हो रहा है कि अमेरिका ईरान पर प्रतिबंधों के मामले में कोई नरमी बरतने वाला नहीं है। ट्रंप के इस ट्वीट को प्रतिबंध से पहले ईरान को धमकी के रूप में देखा जा रहा है।

HBO ने जताई नाराजगी

HBO चैनल ट्रंप के पोस्टर पर नाराजगी जताई है। HBO की ओर से कहा गया कि हमें इस बात की जानकारी नहीं थी। HBO ने कहा कि हम चाहेंगे कि हमारे ट्रेडमार्क का राजनीतिक दुष्प्रयोग न किया जाए।

भारत के लिए अच्छी खबर

ईरान पर 4 नवंबर से शुरू होने वाले अमेरिकी प्रतिबंध से ठीक पहले भारत के लिए अच्छी ख़बर। अमेरिका ने भारत समेत आठ देशों को ईरान से तेल खरीदने की छूट दे दी है। भारत के अलावा जिन देशों को यह राहत मिली है उनमें जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं। दरअसल, अमेरिका चाहता था कि भारत सहित अन्य देश 4 नवंबर को ईरान से तेल खरीदना पूरी तरह बंद कर दे। लेकिन मोदी सरकार की कूटनीति रंग लाई। अब अमेरिका ने अपने इस रुख में ढील दे दी है।

तेल की खरीद में कटौती करेगा भारत

कूटनीतिक पहल के तरफ इशारा करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कहा कि अमेरिका को मालूम है कि हमारी घरेलू वृद्धि को बनाए रखने के लिहाज से तेल कितना अहम है। ऊर्जा क्षेत्र को किसी तरह के प्रभाव से दूर रखने के लिए हम अमेरिका और अन्य पक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हालांकि भारत ने तय किया है कि वो ईरान से कच्चे तेल खरीद में कटौती करेगा भारत।

दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार है भारत

भारत, ईरान से कच्चे तेल का चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है. जब अमेरिका की चेतावनी के बाद भारत अब ईरान से कच्चे तेल की खरीद को सालाना डेढ़ करोड़ टन तक सीमित रखना चाहता है। इससे पहले 2017- 18 में भारत की ईरान से तेल खरीद दो करोड़ 26 लाख टन यानी चार लाख 52 हजार बैरल प्रतिदिन के स्तर पर रही।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल जुलाई, 2015 में ईरान और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 5 स्थायी सदस्यों के बीच परणाणु समझौता हुआ था। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति ओबामा ने समझौते के तहत ईरान को परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के बदले में बैन से राहत दी थी। लेकिन मई, 2018 में ईरान पर ज्यादा दबाव बनाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने ये समझौता तोड़ दिया। ट्रंप ने ईरान में कारोबार कर रही विदेशी कंपनियों को निवेश बंद करने के लिए कहा था। अमेरिका ने भारी जुर्माने की भी धमकी दी थी और ईरान से कच्चे तेल की खरीदने वाले देशों को 4 नवंबर तक आयात बंद करने को कहा था। लेकिन फिलहाल भारत के लिए बड़ी राहत है।


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