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Gina Haspel बनीं US खुफिया एजेंसी CIA की पहली महिला चीफ, जानिए इस कद्दावर महिला को

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मई 18 , 2018 , 09:27 IST

खुफिया एजेंसी के मुखिया का किरदार किसी महिला को देना अभी तक फिल्मों में ही हुआ करता था मगर अमेरिका में ट्रंप प्रशासन ने इसे हकीकत बना दिया है। गीना चेरी हेसपल का नाम अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की डायरेक्टर के लिए नामित किया गया है। अभी वह डिप्टी डायरेक्टर हैं। अगर राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव पर सेनेट ने मुहर लगा दी है। और इस तरह गीना सीआईए की पहली महिला चीफ बन गईं।

गीना हेसपल अनुभवी अफसर

1956 में जन्मीं गीना ने बीए लैग्वेज और जर्नलिज्म में किया था। 1985 में उन्होंने रिपोर्ट्स ऑफिसर के रूप में सीआईए जॉइन की और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। विदेशों में कई अंडरकवर पोजिशन पर काम किया। कई जगह वह स्टेशन चीफ रहीं। उनके असाइनमेंट यूरोपीय, एशियाई, अफ्रीकी और एशियाई देशों तक फैले थे। 9/11 के हमलों के समय वह काउंटर टेररिजम सेंटर की डिप्टी ग्रुप चीफ थीं। रूस, आईएस और कट्टरंपथी इस्लामी आतंकवाद पर उन्होंने लंबा काम किया है। आज जब अमेरिका ईरान परमाणु डील और नॉर्थ कोरिया से शांति समझौते को लेकर चर्चा में है, गीना का यह अनुभव उन्हें सीआईए चीफ के पद के लिए मुफीद बनाता है। निजी जिंदगी की बात करें तो वह तलाकशुदा हैं और उनकी कोई संतान नहीं है।

कई विवाद भी जुड़े हैं साथ में

अक्टूबर-दिसंबर 2002 के बीच गीना के पास थाइलैंड में सीआईए की खुफिया जेल को देखने का जिम्मा था। 9/11 के हमलों के बाद जेल में अल कायदा के संदिग्धों को रखा गया था। आरोप है कि गीना के समय संदिग्धों से जानकारी निकलवाने के लिए वॉटरबोर्डिंग जैसे क्रूर उपायों का इस्तेमाल किया गया। इस क्रूरता पर जब विवाद बढ़ने लगा तो उन्होंने कैदियों से पूछताछ के ऐसे कई विडियो रेकॉर्ड नष्ट करने के आदेश दिए। डेमोक्रेट सेनेटर इसी आधार पर उनकी नियुक्ति का विरोध कर रहे हैं। बुधवार को गीना ने सेनेट के सामने पेश होते हुए कहा भी कि सीआईए को पूछताछ के अति क्रूर तरीकों से बचना चाहिए था।


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