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मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने के लिए अमेरिका, फ्रांस और ब्रिटेन ने UN में पेश किया प्रस्ताव

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 28 , 2019 , 12:11 IST

14 फरवरी को हुए पुलवामा आतंकी हमले के बाद आतंक के खिलाफ जंग में भारत को कई देशों का साथ मिलता नजर आ रहा है। इसी कड़ी में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने आतंक के खिलाफ लड़ने में भारत को अपना सहयोग दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, संयुक्‍त राष्‍ट्र अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बुधवार को प्रस्ताव दिया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने का प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्‍ताव में कहा गया है कि जैश ने ही भारतीय अर्द्धसैनिक बल सीआरपीएफ के काफिले पर हमला किया था।

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने 15 सदस्‍यीय संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति से कहा कि वह मसूद अजहर के खिलाफ हथियार बैन, वैश्विक यात्रा प्रतिबंध लगाए और उसकी संपत्तियों को जब्‍त करे। इससे पहले ऐसी खबरें आई थीं कि फ्रांस संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधित किए गए जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव पर काम कर रहा है। वीटो पॉवर से लैस इन तीनों ही देशों ने मिलकर यह प्रस्‍ताव पेश किया है। यह प्रस्ताव पेश होने के बाद संयुक्त राष्ट्र में पिछले 10 साल में चौथी बार किया गया ऐसा प्रयास होगा जिसमें मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की मांग की गई है।

हालांकि, इस कदम का चीन द्वारा विरोध किए जाने की संभावना है, जिसने पहले सुरक्षा परिषद की इस्लामिक स्टेट और अलकायदा प्रतिबंध समिति को 2016 और 2017 में जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने से रोक दिया था। चीन की ओर से नए प्रस्ताव पर फिलहाल कोई बयान नहीं दिया गया है।


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