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अमेरिकी व्हिसल ब्लोअर स्नोडेन का दावा, आधार डाटाबेस का दुरुपयोग है संभव

सतीश वर्मा, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 6 , 2018 , 17:05 IST

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की ओर से आधार डेटाबेस को पूरी तरह सुरक्षित बताने के एक दिन बाद अमेरिकी व्हिसल ब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन ने चौंकाने वाला दावा किया है। स्नोडेन ने शुक्रवार को कहा कि भारत सरकार द्वारा गठित आधार डाटाबेस का इस्तेमाल और दुरुपयोग किया जा सकता है।

लोगों के निजी जीवन का रिकॉर्ड क्यों रखना चाहती है सरकार- स्नोडैन

सीबीएस के पत्रकार जैक व्हिटाकर की प्रतिक्रिया का हवाला देते हुए, स्नोडेन ने कहा, “लोगों के निजी जीवन का पूरा रिकॉर्ड रखने की इच्‍छा सरकार की स्वाभाविक प्रवृत्ति है। लेकिन इतिहास बताता है कि कानून चाहे जो भी हो, इसका उल्‍लंघन होता रहा है। व्हिटाकर ने बज ‌पऊफीड की एक रिपोर्ट के हवाले से कहा था, “आईसीआईएमआई. भारत में लगभग 1.2 अरब नागरिकों की निजी जानकारी के साथ एक राष्ट्रीय आईडी डेटाबेस है। इसका कथित रूप से दुरुपयोग हो रहा है। एडमिन अकाउंट्स बनाये जा सकते हैं और एक्‍सेस डेटाबेस को बेचा जा सकता है।

आधार की गोपनीयता को लेकर अक्सर उठते रहे हैं सवाल

बता दें कि आधार की गोपनीयता को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। पिछले दिनों आधार कार्ड की गोपनीय जानकारी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ । अंग्रेजी अखबार द ट्रिब्यून ने दावा किया कि मात्र 500 रुपये देकर किसी भी शख्स की आधार से जुड़ी जानकारी खरीद सकते हैं। इस खुलासे के बाद कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने केन्द्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

500 रुपये में पेटीएम देता है आधार का डेटा

खबर के अनुसार, यदि आपको आधार डेटा चाहिए तो बस पेटीएम के माध्यम से 500 रुपए देना होगा और 10 मिनट के भीतर सारी जानकारी आपको दे दी जाएगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि एक रैकेट है जो कि गेटवे नाम के माध्यम से लॉग इन और पासवर्ड देगा। इसके बाद किसी का भी आधार नंबर उसमें डालने पर आपको उस नंबर पर उपलब्ध सारी जानकारियां मिल जाएंगी। हालांकि UIDAI ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है। UIDAI का कहना है कि यह गलत रिपोर्टिंग का मामला है। UIDAI ने कहा, “हम भरोसा देते हैं कि आधार डाटा की कोई चोरी नहीं हुई है और यह डाटा पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित है।”


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