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अखिलेश का सरकारी बंगला बना खंडहर, लाइटें- स्वीच, एसी गायब, बंगले की तस्वीर देखकर अधिकारी हैरान

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| जून 9 , 2018 , 15:17 IST

समाजवादी पार्टी मुखिया अखिलेश यादव सरकारी बंगला यानी 4 विक्रमादित्य मार्ग राज्य संपत्ति विभाग को सौंपकर जा चुके हैं। बंगला खाली होने के बाद शनिवार को मीडिया में सरकारी बगंले की तस्वीरें सामने आने के बाद सब दंग रहे गए। जिस बंगले को सजाने-संवारने के लिए सरकारी खजाने से करीब 42 करोड़ रुपये खर्च किए गए वही आलीशान बंगला अब केवल कबाड़खाना नजर आ रहा।

दरअसल राज्य संपत्ति विभाग ने जब शनिवार को मीडिया के लिए बंगला खोला तो उसकी हालत देखकर सभी हैरान रह गए। बंगले के लगभग हर हिस्से को तोड़ा जा चुका था। शीशे, स्विच और कुर्सियां तक नदारद थीं। यही नहीं बंगले के अंदर कई कमरों से एसी के स्विच तक निकाल लिए गए थे। हरियाली के बीच लगीं कुर्सियां भी गायब थीं। यहां तक कि कमरों के अंदर की एलईडी लाइट्स भी मौजूद नहीं थी। यूपी की सड़कों पर साइकिल ट्रैक को बढ़ावा देने की बात करने वाले पूर्व सीएम के बंगले का साइकिल ट्रैक भी टूटा मिला। यही हाल बैडमिंटन कोर्ट का था। घर में जगह-जगह तोड़फोड़ देखने को मिली। स्वीमिंग पूल को कंक्रीट और सीमेंट से भर दिया गया है, रसोई में लगे इटालियन मार्बल उखाड़ दिए गए हैं और बाथरूम की फिटिंग्स उखाड़ दी गईं। यहां तक कि इस बंगले में विदेशी टाइल्स, जिम और विदेशी पौधों को सरकारी खर्च पर लगाया गया था उन्हें भी उजाड़ दिया गया।

गौरतलब है कि अखिलेश का यह सरकारी आशियाना तीन बंगलों को तोड़ कर बनाया गया था। यह मुलायम सिंह यादव के बंगले से भी बड़ा था। इस भव्य और आलीशान बंगले में कई ब्लॉक थे। करीब पचीस कमरे, बड़ी रसोई, जिम के आलावा एक भव्य वेटिंग रूम बनाया गया था। इसमें अखिलेश यादव का दफ्तर भी था। साथ ही सिक्योरिटी गार्ड्स के लिए भी एक ब्लॉक था।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करने को कहा था। मुलायम सिंह यादव अपने और अखिलेश के बंगले को बचाने के लिए CM योगी आदित्यनाथ से मिले भी थे, लेकिन इसके बाद योगी सरकार ने सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को बंगला खाली करने का नोटिस जारी कर दिया।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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