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रावत सरकार ने कोहली पर लुटाया बाढ़ राहत फंड, आरटीआई में बड़ा खुलासा

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 25 , 2017 , 20:12 IST

उत्तराखंड के चुनाव नतीजों के आने से पहले एक आरटीआई के खुलासे से रावत सरकार फिर से घिरते हुए नज़र आ रही है। बीजेपी सदस्य और आरटीआई कार्यकर्ता की तरफ से दायर एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि राज्य सरकार ने भारतीय क्रिकेटर कोहली को 47.19 लाख विज्ञापन प्रचार के लिए दिए। खास बात यह है कि इतनी बड़ी रकम 2013 में आई केदारनाथ आपदा के लिए निर्धारित फंड में से दी गई। हम आपको बता दें कि कोहली ने जून 2015 में प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने वाले एक विज्ञापन में काम किया था। उस वक्त कोहली को प्रदेश का ब्रैंड ऐम्बेसडर बनाया गया था।

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विराट कोहली के एजेंट से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से किसी तरह के पैसे का लेनदेन नहीं हुआ है। इसके आगे किसी बात की हमें जानकारी नहीं है। इसके जवाब में मुख्यमंत्री हरीश रावत के मीडिया प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने कहा, 'मैं संबंधित विभाग से कोहली को दिए गए चेक के विवरण की जानकारी लूंगा। अपने स्तर पर मैं खुद इसकी जांच करूंगा। बीजेपी की तरफ से ऐसे आरोप लगाए जा रहें, लेकिन अगर क्रिकेटर के प्रतिनिधि का कहना है कि भुगतान नहीं हुआ है तो इसकी जांच की जाएगी।'

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वहीं सुरेंद्र कुमार ने सरकार का बचाव करते हुए कहा की, 'जो भी किया गया वह पूरी तरह से कानून के दायरे में रहकर किया गया है। पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार रहा है। अगर उसे बढ़ावा देने के लिए किसी मशहूर चेहरे का प्रयोग किया गया है तो इसमें क्या बुराई है?'

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कुमार ने विपक्षी पार्टी बीजेपी के आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा, 'बीजेपी के तरफ से लगाए जाने वाले आरोप पूरी तरह से आधारहीन हैं। बीजेपी चुनाव हार रही है और इसलिए अपनी निराशा इस तरह के आरोप लगाकर निकाल रही है। केदारनाथ त्रासदी के बाद वहां फिर से विकास कार्यों को पटरी पर लाने के लिए सरकार ने कितनी मेहनत की है, यह जनता अच्छी तरह से जानती है।'

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आरटीआई दायर करने वाले अजेंद्र अजय का कहना है, 'आरटीआई के जवाब में साफ कहा गया है कि कोहली को प्रमोशनल वीडियो के लिए भुगतान जिला आपदा प्रबंधन अधिकरण रुद्रप्रयाग की तरफ से किया गया है। भुगतान उत्तरांखंड राज्य आपदा प्रबंधन बोर्ड की तरफ से ईमेल पर स्वीकृति के बाद किया गया।' अजय का यह भी कहना है कि प्रमोशनल वीडियो के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की तरफ से भुगतान क्यों किया जाना चाहिए?


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