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SC के 2 दिग्गज वकीलों ने दागे सवाल, कौन है माल्या का गुप्त मददगार?

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 14 , 2018 , 19:12 IST

2 मार्च 2016 को लंदन फरार होने से एक दिन पहले संसद भवन में माल्या- जेटली की मुलाकात की बात सामने आने के बाद पूरे मामले में नए नए किरदार सामने आ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के दिग्गज वकील दुष्यंत दवे और मुकुल रोहतगी का दावा है कि उन्होंने स्टेट बैंक को अलर्ट किया था कि माल्या को विदेश जाने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाए।

स्टेट बैंक ने रोहतगी और दवे की अलर्ट को किया अनसुना

दुष्यंत दवे के मुताबिक 28 फरवरी 2016, रविवार को स्टेट बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों ने डिफाल्टर माल्या और किंगफिशर के डूबे लोन पर सलाह मांगी। मैंने उन्हें सलाह दी कि सबसे पहले विजय माल्या को विदेश जाने से रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में माल्या का पासपोर्ट जब्त करने की अपील करो। दुष्यंत दवे की बात स्टेट बैंक ने तो नहीं मानी, पर माल्या स्मार्ट निकला वो 2 मार्च को सूटकेस समेत लंदन की फ्लाइट पर निकल गया।

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एक और वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा है कि उन्होंने बतौर अटॉर्नी जनरल सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि विजय माल्या का पासपोर्ट जमा करा लिया जाए।

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दुष्यंत दवे का दावा

एसबीआई के अधिकारियों से मेरी रविवार को मुलाकात हुई थी। मैंने को सलाह दी कि वो सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाए। इसके बाद तय बातचीत के मुताबिक अगले दिन सोमवार को मैं समय पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन एसबीआई की टीम वहां नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि मुझे संदेह है कि एसबीआई को दी गई मेरे सलाह के बाद कुछ तो हुआ था, क्योंकि एसबीआई चीफ मेरे सलाह से सहमत थे। रविवार की रात से सोमवार की सुबह के बीच क्या हुआ मैं नहीं जानता।

SBI का इनकार

दो साल पहले जब माल्या फरार हुआ था उस समय अरुंधति भट्टाचार्य एसबीआई की चेयरपर्सन थी। हालांकि एसबीआई ने इन बातों से इनकार किया है कि माल्या से निपटने में बैंक ने किसी तरह की लापरवाही है। एसबीआई के प्रवक्ता के मुताबिक, बैंक डिफॉल्ट राशि वसूलने के लिए पूरी कोशिश करता रहा है।

रोहतगी ने भी पासपोर्ट जब्त करने की दी थी सलाह

दुष्यंत दवे के बयान के बाद पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी का भी बयान सामने आया है. रोहतगी ने कहा है कि मैंने बतौर अटॉर्नी जनरल सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि विजय माल्या का पासपोर्ट जमा करा लिया जाए। एसबीआई को जानकारी मिलने में और माल्या के देश छोड़ने में तीन से चार दिन का अंतर था। इस बीच माल्या देश छोड़कर जा चुका था। पूर्व अटॉर्नी जनरल रोहतगी ने कहा कि अब इस पूरे मामले में आरोप-प्रत्यारोप लगाने से कोई फायदा नहीं होगा। इस पूरे मामले में प्रत्यर्पण ही एकमात्र उपाय है। रोहतगी 19 जून 2014 से 18 जून 2017 तक अटॉर्नी जनरल थे।

लुकआउट नोटिस बदलने को लेकर PM पर राहुल का हमला

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने माल्या मामले पर सरकार पर फिर हमला बोला है। उन्होंने कहा यह समझ से परे है कि इतने बड़े मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनुमति के बिना सीबीआई ने लुकआउट नोटिस बदला होगा।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा कि सीबीआई ने बड़ी खामोशी से डिटेन नोटिस को इन्फॉर्म नोटिस में बदल दिया जिससे माल्या देश से बाहर भाग सका। सीबीआई सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करती है। ऐसे में यह समझ से परे है कि इतने बड़े और विवादित मामले में सीबीआई ने प्रधानमंत्री की अनुमति के बगैर लुकआउट नोटिस बदला होगा।

राहुल गांधी ने गुरुवार को भी इस मामले को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा था। साथ ही आरोप लगाया था कि 'जेटली की मिलीभगत' से माल्या भागने में सफल रहा।

 

 


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