राजनीति

विजय रुपाणी दूसरे बार बनेंगे गुजरात के सीएम, कुछ ऐसा है उनका राजनीतिक सफर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 22 , 2017 , 20:29 IST

विजय रुपाणी दूसरी बार गुजरात का मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं। विजय रुपाणी का जन्म 2 अगस्त 1956 में रंगून में हुआ। रमणीकलाल रूपानी के घर जन्मे विजय रुपानी के माँ का नाम मायाबेन रुपानी है। विजय रूपानी का पालन पोषण राजकोट में हुआ। विजय रूपानी स्कूल के दिनों से ही आरएसएस में शामिल हो गए थे।इसके बाद रुपानी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और जन संघ में साल 1971 में शामिल हो गए। इसी के साथ विजय रुपानी भारतीय जनता पार्टी से भी जुड़ गए।

1970 के दशक में विजय रुपानी नवनिर्माण आंदोलन के समय छात्र संघर्ष समिति में शामिल हुए। साल 1975 में आपातकाल के दौरान विजय रुपानी ने भुज और भावनगर जेलों में करीब एक साल का वक्त बिताया। जिसके बाद साल 1987 में वह पहली बार राजकोट स्थानीय निकाय के पाषर्द चुने गए। इसके बाद उन्हें शहर की भाजपा इकाई का अध्यक्ष बनाया गया।

साल 1988 और 1996 के बीच वह राजकोट निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष रहे और वर्ष 1996-97 में महापौर बने। विजय रुपानी साल 1978 से1981 तक आरएसएस के प्रचारक थे, जिसके बाद उनको 1987 में राजकोट नगर निगम (आरएमसी) का नगर निगम चुना गया। धीरे धीरे रुपानी जल निकासी समिति के अध्यक्ष बने और अगले वर्ष आरएमसी की स्थायी समिति के भी अध्यक्ष बने। जिसके बाद रुपानी की गाड़ी ने रुकने का नाम नहीं लिया और चलते चलते उनको गुजरात का सीएम बना दिया।

साल 1988 से 1996 तक रुपानी ने बीए और एलएलबी की डिग्री ली। इतना ही नहीं विजय रूपानी जब राज्य पर्यटन निगम अध्यक्ष थे तब उन्होंने राज्य को पर्यटन गंतव्य के लिहाज से लोकप्रिय बनाने के लिए 'खुशबू गुजरात की' अभियान भी चलाया। इसके बाद एक बार फिर विजय रुपानी साल 1995 में आरएमसी के लिए दुबारा से निर्वाचित किए गए।

साल 1996 से 1997 तक राजकोट के मेयर के रूप में भी वजय रुपानी ने कार्य किया।जिसके बाद साल 1998 में भाजपा पार्टी से गुजरात इकाई के महासचिव बने। इतना ही नहीं 2006 में उन्हें गुजरात पर्यटन के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। गुजरात में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सौराष्ट्र क्षेत्र में अच्छी पकड़ रखने वाले रूपानी 2006 से 2012 तक रूपानी राज्यसभा के सदस्य रहे।

विजय रुपानी का यह वही दौर था जब उन्हें जल संसाधन, खाद्य, लोक वितरण सहित अन्य संसदीय समितियों में चुना गया। इसके बाद साल 2013 में वह गुजरात म्यूनिसिपल फायनेन्स बोर्ड के अध्यक्ष भी चुने गए। अक्टूबर 2014 में उन्हें राजकोट पश्चिम विधानसभा सीट से विधानसभा चुनाव जीता। जिसके बाद विजय रूपानी 19 फरवरी को भाजपा के कई राज्य इकाई के अध्यक्ष बने और आर सी फालदू की जगह ली।

आनंदी बेन पटेल के समय उनके मंत्रिमंडल में परिवहन मंत्री रहे रूपानी ने कॉलेज के दिनों से ही अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत कर दी थी। जानकारी के लिए बता दें विजय रूपानी उन शुरुआती लोगों में से एक हैं, जिन्होंने जय प्रकाश नारायण के आह्वान पर छात्र आंदोलन में भागीदारी की थी।

इतना ही नहीं रूपानी को राजकोट के सौराष्ट्र क्षेत्र में औद्योगिक केंद्र के तौर पर विकास करने के लिए उनके द्वारा किए गए अथक प्रयासों के चलते भी जाना जाता है। विजय रुपानी भाजपा की राज्य इकाई के चार बार महासचिव भी बनाए गए। जबकि राज्य स्तर पर वह पार्टी के प्रवक्ता भी रहे।रविवार 7 अगस्त 2016 को  विजय रुपानी गुजरात के मुख्यमंत्री बनाए गए। इसी के बाद उन्होंने अपने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद विजय रुपानी गुजरात के सीएम 501 दिनों के लिए रहे और फिर गुजरात विधानसभा चुनाव आ गया, गुजरात के इस चुनाव में विजय रुपानी ने अपना पूरा जोर आजमाते हुए गुजरात में फिर से बीजेपी की सरकार को सत्ता में ला दिया। बीजेपी के जीतने के बाद गुजरात के सीएम के रूप में विजय रुपानी को दुबारा चुना गया।


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