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मजेदार पंचलाइन के साथ जारी हुए फिल्म 'पटाखा' के कई पोस्टर

icon अमितेष युवराज सिंह | 0
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| अगस्त 14 , 2018 , 17:45 IST

विशाल भारद्वाज की अगली फिल्म 'पटाखा' का पोस्टर जारी किया गया है। चरण सिंह पथिक की लघुकथा 'दो बहनें' पर पटाखा की कहानी दो बहनों के ईद-गिर्द है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा था कि हम पड़ोसी और रिश्ते अपनी मर्जी का नहीं चुन सकते। यही हाल फिल्म में इन दोनों बहनों का है। दोनों एक साथ रहने को विवश हैं। दोनों एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाती हैं। एक-दूसरे के साथ गाली-गलौज करती हैं। एक-दूसरे से बेइंतहा नफरत करती हैं। हद तो जब होती है, जब दोनों की शादी भी एक ही परिवार में दो भाइयों से हो जाती है।  फिल्म में बहनों के किरदारों को सान्या मल्होत्रा और राधिका मदान ने निभाया है। 

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फिल्म का पहला पोस्टर जारी होने के बाद प्रियंका ने अपने ट्विटर अकाउंट पर पोस्टर शेयर कर विशाल भारद्वाज और उनकी पूरी टीम को बधाई दी है।  

उन्होने लिखा कि मैं इस फिल्म के को देखने के लिए इंतजार नहीं कर सकती। मैं जानती हूं कि ये बेहद ही ऑसम मूवी होगी।

फिल्म के कई पोस्टर मजेदार पंचलाइन के साथ जारी किए गए हैं। DkiTEpBWwAAeLDr

फिल्म में सुनील ग्रोवर भी मजेदार किरदार में नजर आ रहे हैं। सुनील के किरदार के साथ पोस्टर में पंचलाइन है- ‘डिप्पर नारदमुनी…भैण की माम्मी..एक साड़ी के साथ एक पेटीकोट फ्री’

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सान्या मल्होत्रा का फिल्म में कुछ इस ऐसा लुक दिखाई देने वाला है. सान्या मल्होत्रा के पोस्टर के साथ पंचलाइन है- 'चम्पा कुमारी "बड़की" बापखाणी की चुड़ैल'

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विजय राज के पोस्टर के साथ पंचलाइन है- ‘बेचारा बापू…मेरी मोढ़िन के बीच इतनी दुस्मनी क्यूं है.’ फिल्म के सारे पोस्टर काफी कलरफुल हैं

विशाल कहते हैं दो बहनों की लड़ाई देखकर मुझे भारत और पाकिस्तान की तनातनी जेहन में आती है। यही वजह है कि ट्रेलर 15 अगस्त की मध्यरात्रि में लांच किया जाएगा।

विशाल की फिल्म 'सात खून माफ' भी रस्किन बांड की लघुकथा पर आधारित थी। जबकि 'ओंकारा', 'मकबूल' और 'हैदर' शेक्सपीयर की रचनाओं से प्रेरित। हिंदी सिनेमा में इन दिनों संदेशप्रधान फिल्मों का चलन है। हालांकि विशाल ने उससे दूरी बना रखी है। उस बाबत विशाल कहते हैं, 'यह दो बहनों की रोचक कहानी है। दोनों में आपस में बिल्कुल नहीं बनती हैं। दोनों की आपसी रंजिश देखकर लोग उससे रिलेट कर पाएंगे। मुझे भावनात्मक संघर्ष वाली कहानी कहना पसंद है। मुझे संदेश प्रधान कहानियां कहने में कोई दिलचस्पी नहीं है।


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अमितेष युवराज सिंह

लेखक न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं

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