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नायडू की राह पर ममता, अब पश्चिम बंगाल में भी बिना इजाजत CBI को No Entry

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| नवंबर 17 , 2018 , 08:24 IST

आंध्र प्रदेश के बाद अब पश्चिम बंगाल में सीबीआई को राज्य में छापे मारने या जांच करने के राज्य सरकार मंजूरी लेनी होगी। ममता सरकार ने सीबीआई को राज्य में छापे मारने या जांच करने के लिए दी गई 'सामान्य रजामंदी' शुक्रवार को वापस ले ली।

इससे पहले आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में सीबीआई की बिना इजाजत एंट्री पर रोक लगी दी। ममता बनर्जी ने भी नायडू के इस कदम का समर्थन किया। साथ ही बंगाल में भी सीबीआई पर बंगाल में बिना इजाजत कार्रवाही पर रोक लगा दी।

नायडू के समर्थन में ममता

ममता बनर्जी ने चंद्रबाबू नायडू के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि चंद्रबाबू नायडू ने बिल्कुल सही किया। बीजेपी अपने राजनीतिक हितों और प्रतिशोध के लिए सीबीआई व अन्य एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है।

1989 में मिली थी मंजूरी

बता दें कि साल 1989 में तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार ने पश्चिम बंगाल में सीबीआई को सामान्य रजामंदी दी थी। शुक्रवार की अधिसूचना के बाद सीबीआई को अब से अदालत के आदेश के अलावा अन्य मामलों में किसी तरह की जांच करने के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी।

नायडू ने लगाई पाबंदी

चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने सूबे में सीबीआई की सीधी दखलअंदाजी पर पाबंदी लगा दी है। CBI में भ्रष्टाचार विवाद पर मचे घमासान के बीच आंध्र प्रदेश सरकार ने एक बड़े फैसले से सबको चौंका दिया है। दरअसल, सरकार ने दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टैब्लिश्मेंट ऐक्ट 1946 के तहत उस आम सहमति को वापस ले लिया है जो दिल्ली स्पेशल पुलिस इश्टैब्लिशमेंट के सदस्यों को सूबे के भीतर अपनी शक्तियों और अधिकारक्षेत्र का प्रयोग करने के लिए दी गई थी। ऐसे में अब सीबीआई आंध्र प्रदेश की सीमाओं के भीतर किसी मामले में सीधे दखल नहीं दे सकती है।


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