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शहीद की आंख निकालने वाले पाक से बातचीत क्यों...?

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| सितंबर 20 , 2018 , 15:05 IST

पाकिस्तान एक तरफ भारत को शांति की पहल कराने की बात कर रहा है तो दूसरी तरफ अपनी कायराना हरकत करने से नहीं चूक रहा है। जम्मू संभाग के सांबा जिले के रामगढ़ सब सेक्टर में पाकिस्तान रेंजर्स की गोलाबारी में शहीद सीमा सुरक्षा बल(बीएसएफ) के जवान का पार्थिव शरीर भारत को सौंपने के बजाय उसके साथ बर्बरता की। शहीद के गले को चाकू से रेतने के साथ उनकी एक आंख को भी निकालने की कोशिश की गई।

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इस नापाक हरकत के बाद भी पाक भारत के साथ किसी प्रकार के संबंध की बात कैसे कर सकता है? हालांकि पाकिस्तान की इस कायरता पूर्ण हरकत पर कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने रोष व्यक्त करते हुए मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। सुरजेवाला ने कहा कि जवानों के साथ इस तरह की बर्बरता हो रही है और मोदी सरकार चुप क्यों है ?

सुरजेवाला का यह बयान भी राजनीतिक प्रतिबद्धता से ओत प्रोत है। यह बात इसलिए भी कही  जा सकती है क्योंकि एक तरफ नवजोत सिंह सिद्धु पाकिस्तान जाते हैं और वहां के सेना अध्यक्ष बाजवा को जब गले लगाया था तो ये राजनीतिक पंडित क्या सो रहे थे। अब पार्टियां क्या शहीदों के उपर भी राजनीति की रोटियां सेकी जाएंगी।

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दूसरी तरफ देश की सत्ता में काबिज मोदी सरकार भी सत्ता में आने से पहले बहुतेरे भाषण ऐसे दिए थे कि आम आदमी को लगने लगा की पाकिस्तान बैकफुट पर जाएगा पर जवानों के शहीद होने का औसत बढ़ता ही गया। दुखद ये है कि एक तरफ जवान शहीद हो रहे हैं और दूसरी तरफ हम उनके साथ अच्छे व्यवहार की उम्मीद सजोए बैठे हैं।

क्या जवान ही शहीद होगें उनको ही पाकिस्तान से बैर है। क्यों नहीं सामुहिक तौर पर पाकिस्तान का विरोध हो रहा है। इस विषय पर कड़ी निंदा के अलावा और कुछ नही कर रही सरकार को जवाब देना होगा।

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इससे पहले सिद्धू ने कहा था कि उन्होंने बाजवा को तब गले लगाया था जब उन्होंने उनसे कहा था कि पाकिस्तान भारत के पंजाब से आने वाले सिखों के लिए करतारपुर सीमा खोलेगा ताकि वे पाकिस्तान में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा जा सकें। इस बयान को पाकिस्तान ने पाकिस्तान ने कहा है कि सिद्धू के साथ करतारपुर रूट को खोलने को लेकर कोई आधिकारिक बात नहीं हुई थी।

फिर कांग्रेस क्यों नहीं सिद्धू के इस इस बयान पर कोई ठोस कदम उठाती ? जब तक पाक का सामूहिक तौर पर विरोध देश में नहीं किया जाएगा तब तक इस पाक अपनी नापाक हरकत दोहराता ही रहेगा।

पिता की शहादत से दुखी उनके बेटे ने पाकिस्तान की बर्बरता पर सरकार से ऐक्शन लेने की बात कही। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए यह गर्व का विषय है। हर किसी को तिरंगे में अंतिम विदाई नहीं मिलती। लेकिन, हम सिर्फ गर्व करके ही नहीं रह सकते। हमें आज गर्व है, कल फिर कोई शहीद होगा और फिर गर्व होगा। हम सरकार से ऐक्शन की मांग करते हैं।'


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