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वर्ल्ड बैंक ने भारत के GST को दुनिया की सबसे जटिल टैक्स प्रणाली बताया

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| मार्च 16 , 2018 , 16:17 IST

एकतरफ सरकार माल एवं सेवा कर (GST) को बेहतर बनाने के प्रयास में जुटी है, दूसरी तरफ कारोबारी और विपक्षी दल जीएसटी को लेकर शुरू से ही सरकार को घेरते आ रहे हैं। इसी बीच मोदी सरकार के लिए वैश्व‍िक वित्तीय संस्था विश्व बैंक से एक बुरी खबर आयी है।

विश्व बैंक ने भारत में लागू इस नई कर प्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। विश्व बैंक ने इसे काफी जटिल करार दिया है। इसके साथ ही कहा है कि भारत में लागू टैक्स स्लैब 115 देशों में दूसरा सबसे ज्यादा जटिल टैक्स है।

दरअसल वर्ल्‍ड बैंक ने दुनिया भर में टैक्‍स रेट और टैक्‍स स्‍लैब की तुलना करके एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में कुल 115 देशों की कर व्‍यवस्‍था की तुलना की गई है। वर्ल्‍ड बैंक का कहना है कि भारत में जीएसटी काफी जटिल है।

इतना ही नहीं टैक्‍स स्‍लैब भी 115 देशों में दूसरा सबसे ज्‍यादा है। भारत में जीएसटी इसलिए जटिल मानी जा रही है क्‍योंकि यहां जीएसटी की 5 दरें 0 प्रतिशत, 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत है।

साथ ही ये टैक्‍स राज्‍य के लिए अलग और केंद्र के लिए अलग वसूले जाते हैं। इस तरह देखा जाए तो दोहरा जीएसटी लगता है, हालांकि दरें कुल मिलाकर स्‍लैब के बराबर ही रहती है।

विश्व बैंक ने जारी की रिपोर्ट-:

विश्व बैंक ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें उसने उन देशों के टैक्स रेट और स्लैब की तुलना की है, जहां जीएसटी लागू है। इस रिपोर्ट में कुल 115 ऐसे देश शामिल क‍िए गए हैं। बता दें मोदी सरकार ने 1 जुलाई से जीएसटी लागू किया था। भारत में लागू जीएसटी में 5 टैक्स स्लैब हैं। इसमें 0, 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18% और 28 फीसदी है।

जेटली का सुझाव-:

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी टैक्स स्लैब को 5 से घटाकर 2 ही स्लैब रखने का सुझाव दिया है। उन्होंने संकेत दिया था कि जीएसटी टैक्स स्लैब्स को 12 फीसदी और 18 फीसदी ही रखा जा सकता है। उन्होंने कहा था कि जैसे ही कर पारदर्श‍िता और इससे हासिल होने वाले राजस्व में स्थ‍िरता आ जाएगी, वैसे ही इसको लेकर विचार किया जाएगा।

रिफंड को लेकर भी उठाए सवाल-:

विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जीएसटी लागू होने के शुरुआती दिनों में काफी दिक्कतें पेश आई थीं। विश्व बैंक ने जीएसटी बाद रिफंड की रफ्तार धीमी होने को लेकर भी चिंता जताई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि रिफंड फंसने से इसका सीधा असर कारोबारियों की पूंजी पर पड़ता है। इसकी वजह से उनका कारोबार प्रभावित होता है।

'कम हों टैक्स स्लैब'-:

विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में जीएसटी को लागू करने के लिए किए गए खर्च को लेकर भी सवाल उठाया है। वैश्व‍िक वित्तीय संस्था ने अपनी रिपोर्ट में भविष्य में इसमें जरूरी बदलाव करने का सुझाव दिया है और उम्मीद जताई है कि आगे जाकर इसमें सकारात्मक बदलाव होंगे। रिपोर्ट में टैक्स स्लैब की संख्या कम करने और जीएसटी प्रक्रिया को आसान व सरल बनाने का सुझाव दिया गया है।


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or duba do desh ko saali modi sarkar........