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UN ने उत्तर कोरिया पर लगाए नए प्रतिबंध, पैदा हो सकता है पेट्रोल का संकट

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| दिसंबर 23 , 2017 , 18:47 IST

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों के जवाब में उस पर बेहद सख़्त प्रतिबंधों को मंज़ूरी दे दी। नए प्रतिबंध लागू करते हुए परिष्कृत पेट्रोलियम पदार्थों तक उसकी पहुंच बेहद सीमित कर दी है। नया प्रतिबंध नवंबर में उत्तर कोरिया द्वारा किए गए ‘अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल’ परीक्षण के बाद लगाया गया है।

जिसमें उसके (उत्तर कोरिया के) ऊर्जा, निर्यात एवं आयात क्षेत्रों और विदेशों में उत्तर कोरियाई नागरिकों पर कठोर प्रतिबंध लगाए गए हैं। समुद्री अधिकारियों से भी उत्तर कोरिया की अवैध तस्करी संबंधी गतिविधियों पर लगाम लगाने का कहा गया है।

सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों द्वारा हस्ताक्षर किया गया यह प्रस्ताव 90 प्रतिशत परिष्कृत पेट्रोलियम पदार्थों के अयात पर रोक लगाता है।

ट्रंप ने ट्वीट करते हुए कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने उत्तर कोरिया पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने के समर्थन में 15-0 से मत दिया। विश्व शांति चाहता है, मौत नहीं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से आज उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध लागू करते हुए परिष्कृत पेट्रोलियम पदार्थों तक उसकी पहुंच बेहद सीमित कर दी है।

2017 में उत्तर कोरिया ने कई मिसाइल परीक्षण किए हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बाद भी वह लगातार परीक्षण कर रहा है। 12 फ़रवरी को उत्तर कोरिया ने मध्यम दूरी की मिसाइल दागी थी। इसके बाद 5 अप्रैल को जापान सागर की ओर एक और मध्यम दूरी की मिसाइल दागी गई। चार जुलाई को उत्तर कोरिया ने अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण का दावा करते हुए कहा कि मिसाइल ने 2802 किलोमीटर की ऊंचाई हासिल की।

29 अगस्त को उत्तर कोरिया ने एक और अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल दागी। इसे परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम उत्तर कोरिया की पहली मिसाइल माना गया। जापान के ऊपर से गुज़री ये मिसाइल 550 किलोमीटर की ऊंचाई तक गई थी।

15 सितंबर को जापान के ऊपर से उत्तर कोरिया ने एक और मिसाइल दागकर पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया था। उत्तर कोरिया के हर मिसाइल लॉन्च के बाद सख़्त कार्रवाइयों की धमकी दी गई या संयुक्त राष्ट्र में प्रतिबंध लगाए जाते रहे। लेकिन उत्तर कोरिया का मिसाइल कार्यक्रम नहीं रुका। बता दें यह संयुक्त राष्ट्र में पारित दसवां प्रतिबंध है। 


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