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वर्ल्ड लंग कैंसर डे: जो सिगरेट नहीं पीते हैं उनको भी इस वजह से हो रहा फेफड़ों का कैंसर

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| अगस्त 1 , 2018 , 13:15 IST

फेफड़े के कैंसर से धूम्रपान करने वाले ही नहीं बल्कि धूम्रपान नहीं करने वाले लोग भी जूझ रहे हैं और ऐसा शायद बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण हो रहा है। पिछले छह साल में किये गए एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है। हवा में फैलता प्रदूषण अब फेफड़ों के कैंसर का कारण बन रहा है। इस कारण वे लोग भी इस जानलेवा बीमारी का शिकार बन रहे हैं जो धूम्रपान नहीं करते। आज वर्ल्ड लंग कैंसर डे है।

वर्ल्ड लंग कैंसर डे के मौके पर सर गंगाराम अस्पताल ने इसे लेकर रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक देश में महिलाओं और युवाओं में तेजी से कैंसर बढ़ रहा है। फेफड़ों के कैंसर के मामले में शोध से चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। 150 रोगियों पर किए गए शोध से पता चला है कि बगैर धूम्रपान करने वालों को भी फेफड़ों का कैंसर हो रहा है। शोध में मार्च 2012 से जून 2018 तक 150 से ज्यादा मरीजों का विश्लेषण किया गया।

Lung-cancer

इस शोध में मामलों का बढ़ना, युवाओं में कैंसर होना व महिलाओं में कैंसर दर चौंकाने वाली है। अभी तक धूम्रपान को इसका कारण माना जाता था, लेकिन फेफड़ों के बढ़ते कैंसर के कारण प्रदूषित हवाएं भी हैं। यह बीमारी खतरनाक है और तेजी से युवाओं को चपेट में ले रही है। धूम्रपान करने और नहीं करने वालों का अनुपात बराबर है। इससे साफ है कि वायू प्रदूषण के चलते भी फेफड़ों का कैंसर हो रहा है। अब धूम्रपान रोकने के साथ-साथ वायु प्रदूषण को भी रोकने की बात होनी चाहिए।

संस्थान ने इस संबंध में 150 रोगियों पर शोध किया था। इनमें से कुछ मरीज प्रेस वार्ता के दौरान भी मौजूद थे। राजधानी में हवा लगातार प्रदूषित हो रही है। दिसंबर में इसके चलते आपात स्थिति की हालत पैदा हो गए थे। ऐसे में सर गंगाराम अस्पताल का शोध चौंकाने वाला है। पहली बार कैंसर का बड़ा कारण खराब हवा को भी माना गया है। यह राजधानी और एनसीआर क्षेत्र में रह रहे लोगों के लिए बड़ी चेतावनी भी है।

ये रिसर्च के दावे पर हैं। न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया इसकी पुष्टि नहीं करता है। आप किसी भी सुझाव पर अमल या इलाज शुरू करने से पहले अपने एक्सपर्ट की सलाह जरूर ले लें।


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