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फिर विवाद में रामदेव: लाल चंदन की लकड़ियां चीन भेजने का आरोप

icon कुलदीप सिंह | 0
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| फरवरी 24 , 2018 , 16:08 IST

बाबा रामदेव की स्वामित्व वाली कंपनी पतंजलि ने डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) द्वारा जब्त की गई चंदन की लकड़ी को खेप को छुड़ाने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक डीआरआई और कस्टम डिपार्टमेंट ने पतंजलि के कर्मचारियों के पास से 50 टन लाल चंदन की लकड़ियों को जब्त किया है। इन लकड़ियों को चीन भेजा जा रहा था।

मिली जानकारी के मुताबिक पंतजलि को सिर्फ सी ग्रेड की लकड़ियों को व्यापार के लिए देश से बाहर भेजने की इजाजत है लेकिन जिन चंदन की लकड़ियों को जब्त किया गया है वे ए और बी ग्रेड की बताई जा रही है।

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DRI ने पतंजलि द्वारा चीन भेजी जा रही लाल चंदन की लकड़ियां जब्त कर ली हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक DRI और कस्टम डिपार्टमेंट ने लाल चंदन की लकड़ियों के साथ लकड़ियां ले जा रहे पतंजलि के प्रतिनिधि के दस्तावेज और पासपोर्ट भी जब्त कर लिए हैं। पतंजलि के पास ग्रेड-सी की चंदन की लकड़ियों के एक्सपोर्ट करने की इजाजत है।

इस मामले पर पतंजलि ने कहा 'हमने अभी तक एक्सपोर्ट नहीं किया है और यह अभी प्रोसेस में है। हमें लाल चंदन की यह लकड़ियां APFDCL (आंध्र प्रदेश फोरेस्ट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड' से खरीदी थीं और हमने कुछ भी अवैध और गलत नहीं किया है। सभी काम कानून के हिसाब से किए गए हैं।'

पतंजलि प्रवक्ता ने मेल करके बिजनेस न्यजपेपर इकोनॉमिक टाइम्स को बताया एक्सपोर्ट की प्रक्रिया में में सभी दस्तावेज, परचेज ऑर्डर, परफॉर्मा इनवॉयस, कृष्णपट्टनम पोर्ट पर लकड़ियों की मौजूदगी, लकड़ियों की दर और सी कैटेगरी की लकड़ियों के निर्यात का परमिशन और लाइसेंस उसके पास मौजूद है।

पतंजलि ने आगे बताया 'APFDCL ने इन सभी चीजों की भी जांच की है। यह विरोधियों की साजिश का नतीजा हो सकता है। कुछ भ्रामक और झूठी जानकारी मतलब के लिए फैलाई जा रही हैं। कहीं भी ए या बी कैटेगरी की लकड़ियों के एक्सपोर्ट का सवाल नहीं है। जांच एजेंसी ने कहा है कि पूरी जांच होने तक पतंजलि इन सामानों को एक्सपोर्ट नहीं कर सकती है। पतंजलि ग्रुप ने दिल्ली हाईकोर्ट से दरख्वास्त की है कि जब्त लकड़ियों को रिलीज किया जाए।

वहीं डीआरई ने इस मामले की जांच पूरी होने तक एक्सपोर्ट को रोके रखने का आदेश दिया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में बीते 15 फरवरी को पंतजलि की रिट पिटीशन को स्वीकार कर लिया था। हाईकोर्ट ने अब इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 8 अप्रैल रखी है।

बाबा रामदेव सबसे बड़े खरीदार-

पतंजलि आयुर्वेद देश में लाल चंदन के सबसे बड़े खरीदार के रूप में उभर रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से की गई हालिया नीलामी में ट्रस्ट ने करोड़ों रुपये का लाल चंदन खरीदा था। चीन के बाद देश में संभवत: बाबा रामदेव ही ऐसे खरीदार हैं, जिन्होंने इतने बड़े पैमाने पर इस कीमती लकड़ी को खरीदा था। सूत्रों के अनुसार पतंजलि योगपीठ आयुर्वेदिक दवाओं के उत्पादन के लिए लाल चंदन की लकड़ी का उपयोग करता है।


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कुलदीप सिंह

Executive Editor - News World India. Follow me on twitter - @KuldeepSingBais

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