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योगी सरकार का फरमान: अधिकारी खड़े होकर करे विधायकों का सम्मान, चाय-नाश्ता भी पूछे

अमितेष युवराज सिंह | न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
1988
| अक्टूबर 21 , 2017 , 17:02 IST

उत्तर प्रदेश में सांसदों, विधायकों समेत अन्य जनप्रतिनिधियों की शान बढ़ने वाली है। दरअसल, यूपी के मुख्य सचिव राजीव कुमार ने प्रोटोकॉल की एक लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट में अफसरों को यह निर्देश दिया गया है कि जब भी कोई जनप्रतिनिधि उनके पास आये तो किस तरह से पेश आये।

इस प्रोटोकॉल को जनप्रतिनिधियों के उस शिकायत के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें वे लगातार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अफसरों द्वारा अवहेलना की शिकायत कर रहे थे। प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने पर अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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ये हैं प्रोटोकॉल के नियम:

1.अगर कोई सांसद, विधायक या अन्य जनप्रतिनिधि सरकारी दफ्तर में आते हैं तो वहां के अधिकारी खड़े होकर उनका स्वागत करें। साथ ही उन्हें खड़े होकर विदा करें।

2.अधिकारी जनप्रतिनिधियों की कही गई बातों को ध्यान से सुनें। उनके सुझावों को नोट करें।

3.अगर जनप्रतिनिधियों के सुझाव न भी मानना हो तो विनम्रता के साथ उन्हें मना करें।

4.अगर सांसद या विधानमंडल के सदस्य चिट्ठी लिखें या फोन पर किसी समस्या के बारे में बताएं तो उसे तवज्जो दिया जाए और जल्द से उसका निपटारा किया जाए।

5.दफ्तर में आए जनप्रतिनिधियों के लिए अधिकारी चाय, नाश्ता का भी इंतजाम करें।

आपको बता दें कि करीब तीन महीने पहले यूपी के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने गाजीपुर के डीएम के खिलाफ धरना दिया था और कहा था कि डीएम उनकी शिकायत को महत्व नहीं दे रहे हैं। यूपी में ये प्रोटोकॉल ऐसे वक्त में आया है जब प्रधानमंत्री लगातार वीआईपी ट्रीटमेंट के खिलाफ अभियान छेड़ने की बात कर रहे हैं। महीनों पहले लालबत्ती पर पाबंदी लगा दी गयी थी।


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प्रकाश

बीजेपी पार्टी के मन्त्रियों को घमन्ड आ गया हे ए देश की जनता के साथ धोखा कर रहे हे चुनाव मे जनता इन्हे जवाब देगी