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पहले ममता ने लगाया था फोन टैपिंग का आरोप, अब राजीव कुमार के समर्थन में दे रहीं हैं धरना

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| फरवरी 4 , 2019 , 15:59 IST

सारदा घोटाले के मामले को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार और सीबीआई की टीम के बीच आधी रात से विवाद अपने चरम पर पहुंच गया। सीबीआई अपने टीम के साथ पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के आवास पर पहुंची जिसके बाद पुलिस और सीबीआई के बीच हाथापाई की भी खबर सामने आई। हालांकि उसके कुछ समय बाद ही राजीव कुमार को सीबीआई ने हिरासत में लिया और बढ़ते बवाल को देखते हुए कुछ समय बाद ही रिहा भी कर दिया।

इसको देखते हुए पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी रविवार रात से ही सीबीआई के खिलाफ धरने पर बैठ गईं हैं। यही नहीं इस धरने पर उनका साथ देने खुद कमिश्नर राजीव कुमार भी वहां शामिल हुए इनके साथ-साथ तमाम विपक्षी दलों ने ममता का साथ दिया है। ममता बनर्जी ने विपक्ष पर हमला लकरते हुए कहा कि देश में 'सुपर इमरजेंसी' लगी है और राजनीतिक विद्वेष के तहत बीजेपी सीबीआई का इस्‍तेमाल उनके खिलाफ कर रही है।

अब इतनी बड़ी घटना एक पुलिस कमिश्नर के पीछे हुई और राज्य की मुख्यमंत्री को धरने पर बैठना पड़ा वो भी आधी रात को तो आइए जानते हैं कौन है पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार जिसके समर्थन के लिए देश के विपक्ष का ध्रुवीकरण पश्चिम बंगाल के धरती पर हो रहा है।

राजीव कुमार 1989 बैच के यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। राजीव कुमार के पिता उत्तर प्रदेश के चंदौसी में एक कॉलेज के प्रोफेसर थे। राजीव का परिवार चंदौसी में ही रहता है। उन्होंने एसएम कॉलेज से पढ़ाई की और फिर आईएएस की परीक्षा में सफलता हासिल की। आईपीएस अधिकारी बनने के बाद राजीव पश्चिम बंगाल आ गए। फिलहाल राजीव कुमार पश्चिम बंगाल पुलिस में कोलकाता कमिश्नर के पद पर तैनात हैं।

90 के दशक में कोयला माफियाओं पर कसी थी नकेल -:

राजीव कुमार कई अपराधियों को टेक्‍नॉलजी की मदद से पकड़ा और यहीं से वह काफी चर्चित हो गए। 90 के दशक में राजीव कुमार ने पश्चिम बंगाल में कोयला माफिया के खिलाफ जोरदार अभियान चलाकर पुलिस की हनक कायम की थी। धीरे-धीरे वह राज्‍य सरकार के बेहद करीबी हो गए। ममता बनर्जी ने एकबार उन पर फोन कॉल रिकॉर्ड करने का आरोप लगाया था। यही राजीव कुमार आज ममता बनर्जी के करीबी हो गए और वह उनके समर्थन में धरने पर बैठी हैं।

सारदा चिटफंड घोटाले के गठित एसआईटी के प्रमुख थे राजीव कुमार -:

राजीव कुमार ने 2013 में सारदा चिटफंड घोटाले मामले में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी के प्रमुख थे। उनके ऊपर जांच के दौरान गड़बड़ी करने के आरोप लगे हैं। बतौर एसआईटी प्रमुख राजीव कुमार ने जम्मू कश्मीर में सारदा के चीफ सुदीप्त सेन गुप्ता और उनके सहयोगी देवयानी को गिरफ्तार किया था।

जिनके पास से डायरी मिली थी। ऐसा कहा जाता है कि इस डायरी में चिटफंड से रुपये लेने वाले नेताओं के नाम थे। राजीव कुमार पर इसी डायरी को गायब करने आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने राजीव कुमार को आरोपी बनाया था।


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