विज्ञान/टेक्नोलॉजी

ऑनलाइन गेम PUBG से पैरेंट्स हो गए हैं परेशान तो वहीं लोगों को पड़ी काउंसलिंग की जरुरत

आशुतोष कुमार राय, न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 1
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| मार्च 7 , 2019 , 11:54 IST

विज्ञान और तकनीक जिस तेजी से बढ़ रही है उसे देखकर कुछ भी असंभव प्रतीत नहीं होता है। वैसे तो हम इसका इस्तेमाल अपनी सुविधा के लिए करते हैं लेकिन कभी-कभी विज्ञान ने हमें जितनी सहूलियत दी है उतनी ही यह परेशानी का सबब भी है। हम अभी बात रहे हैं आज कल लगभग हर फोन में मौजूद गेम PUBG जिसका जिक्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी एक कार्यक्रम में कर चुके हैं।

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PUBG एक ऐसा ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म बन गया है जिसमें से हम बाहर निकलना ही नहीं चाहते। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी को इसकी लत लग चुकी है। जिसमें सबसे ज्यादा बच्चे शामिल हैं, जो किताब पलटने के बजाए दिन-रात मोबाइल पर वर्चुअल दुनिया में खोए रहते हैं। युवाओं और बच्चों को इन दिनों वर्चुअल गेम पबजी (प्लेयर अननोन बैटल ग्राउंड) मानसिक रोगी भी बना रहा है।

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दिल्ली सरकार के दिल्ली कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स (डीसीपीसीआर) ने सभी स्कूलों को भेजे नोट भेज कर उन्हें आगाह किया कि PUBG जैसे ऑनलाइन और वीडियो गेम बच्चों के लिए खतरनाक हैं। ये बच्चों को मानिसक तौर पर प्रभावित करते हैं।

पानी की जगह पी गया एसिड-:

PUBG गेम की लत के कारण आए दिन हादसों की ख़बरें सामने आ रही हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश के भोपाल का है। यहां एक युवक पबजी गेम खेलने में इतना मशगूल हो गया कि उसने पानी की जगह एसिड पी लिया। मौका रहते उसे परिवार वाले अस्पताल लेकर पहुंचे जहां उसकी जान बचाई गई।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युवक मूलतः छिंदवाडा से है और अभी वह भोपाल में रहता है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर है। युवक का इलाज करने वाले डॉक्टर मनन गोगिया ने बताया कि 25 वर्षीय युवक घर के आंगन में PUBG गेम खेल रहा था। वह गेम में इस कदर मशगूल हो गया कि उसने पानी की जगह एसिड पी लिया।


बता दें कि सिर्फ नुकसान ही नहीं लाखों कमा भी रहे हैं PUBG खेलने वाले लोग-:

PUBG गेम से बहुत सारे बच्चे लाखों कमा भी रहे हैं एक ऑनलाइन गेम को अपना पेशा भी बना लिया है, PUBG पहला ऐसा गेम है जिसे खेलना और खेलते देखना भी लोगों को खूब भा रहा है। इसका अंदाजा आप यहां से लगा सकते है कि भारतीय खिलाड़ी आदि सावंत यानि डायनोमो जो की अपना गेम खलने के साथ साथ उसका प्रसारण Youtube पर करता है और उसके 27 लाख से ज्यादा फॉलोअर हैं और दूसरी तरफ उसके हर वीडियो पर लाखों व्यूज भी मिलते हैं।

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आंकड़ों के हिसाब से PUBG गेम के जरिए आदि सावंत यानि डायनोमो लगभग 5 लाख रुपए महीने में कमा लेता है।

लाइव स्ट्रीमींग का नया रिकॉर्ड डायनोमो के नाम-:

PUBG के जरिए अपनी पहचान बना चुके बेहतरीन Youtuber डायनोमो ने एक अनूठा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। 113257 लोगों ने एक साथ एक स्ट्रीमींग को देखा जो डायनोमो और कैरी मिनाती द्वारा खेला जा रहा था। ये भारतीय  Youtube के इतिहास में पहली बार था।

PUBG का नशा लोगों के सर चढ़कर बोल रहा है फिर घर हो या ऑफिस हर कोई PUBG खेलता नजर आता है। यही वजह है कि अब PUBG खेलने के लिए आपको रजिस्ट्रेशन करवाना जरूरी हो गया है और अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो PUBG नहीं खेल सकेंगे। इसके लिए उग्र सीमा भी तय की गयी है।

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फिलहाल इस नियम को चीन में लागू किया गया है और यहां प्लेयर्स के लिए ऐज रिस्ट्रिक्शन लगा दिया गया है। यानि अब 13 साल से कम उम्र के लोगों को PUBG खेलने के लिए अपने गार्जियंस से इजाजत लेनी होगी तभी वो गेम खेल सकेंगे।

गौरतलब है कि PUBG को दिसंबर, 2017 में लॉन्च किया गया था तब वो इतना पॉपुलर नहीं हुआ लेकिन इन दिनों ये सबसे पॉपुलर गेम बन चुका है। इस गेम में एक समय में अलग-अलग जगहों पर ऑनलाइन प्लेयर्स एक साथ गेम खेल सकते हैं। इस दौरान कई प्लेयर्स एक टीम बना कर दूसरे को मारते हैं और अपने मिशन को पूरा करते हैं।

जब पीएम मोदी बोले- ये पबजी वाला है क्या?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीते 29 जनवरी को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में स्कूली बच्चों और अभिभावकों से परीक्षा पे चर्चा 2.0 कार्यक्रम के तहत रू-ब-रू थे। कार्यक्रम के दौरान मधुमिता गुप्ता ने पीएम मोदी से एक सवाल पूछा कि बच्चों को ऑनलाइन मोबाइल गेम से कैसे दूर रखें। इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा- ये पबजी वाला है क्या। पबजी का नाम लेते ही पूरा स्टेडियम तालियों से गूंज उठा।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि ये पबजी और फ्रंटलाइन क्या है...? मोदी ने आगे कहा- 'बच्चों को तकनीक से दूर नहीं रख सकते। तकनीक का इस्तेमाल सुधार के लिए हो और माता-पिता अपने बच्चों को तकनीक की सही जानकारी दें। ऑनलाइन गेम समस्या भी है और समाधान भी। बच्चे प्ले-स्टेशन से प्ले-फील्ड की ओर जाएं। सोशल स्टेटस के कारण टेंशन में ना आएं।'

काउंसलिंग की पड़ने लगी है जरुरत-:

नौकरीपेशा युवा भी डॉक्टरों के पास काउंसलिंग के लिए पहुंच रहे हैं। इन युवाओं को फोन पर पबजी खेलना इतना पसंद है कि ये ऑफिस का पूरा लंच टाइम इसी में खपा देते हैं। डॉक्टरों का मानना है कि ब्लू व्हेल के बाद पबजी दूसरा सबसे ज्यादा लत लगाने वाले गेम के रूप में सामने आया है। जबकि और भी गेम मनोरंजन की जगह अब तनाव का कारण बन रहे हैं।

गोवा के मंत्री ने की थी PUBG बैन करने की मांग-:

गोवा के एक मंत्री का कहना है कि ऑनलाइन गेम PUBG पर अब प्रतिबंध लगा देना चाहिए। रविवार को राज्य के सूचना और टेक्नोलॉजी मंत्री रोहन खाउंटे ने कहा कि ऑनलाइन गेम PUBG पर राज्य में रोक लगाने के लिए कानून बनाए जाने की सख्त जरूरत है।

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पोरवोरिम में एक सरकारी कार्यक्रम के इतर मीडिया से खाउंटे ने कहा कि यह गेम हर घर में ‘राक्षस’ का रूप ले चुका है और छात्र अपनी पढ़ाई छोड़ कर PUBG खेलने में व्यस्त हैं। खाउंटे ने कहा, ‘PUBG पर रोक लगाने वाले राज्यों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है लेकिन कानून बनाया जाना चाहिए ताकि सुनिश्चित हो सके कि गोवा में इस पर प्रतिबंध है।’


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