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संसद में पास होने के 24 घंटे के भीतर ही जनरल कोटा बिल को SC में चुनौती

न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया | 0
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| जनवरी 10 , 2019 , 16:10 IST

सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 प्रतिशत आरक्षण बिल को संसद में पास हुए 24 घंटे भी नहीं बीते कि मामला सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा। यूथ फॉर इक्वेलिटी नामक ग्रुप और डॉ कौशल कांत मिश्रा द्वारा दाखिल की गई याचिका में कहा गया है कि  यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के द्वारा तय किए गए 50 फीसदी सीमा का उल्लंघन करता है।

जनरल कोटा को चुनौती देने वाली याचिका में कहा गया है कि आर्थिक मापदंड आरक्षण का एकमात्र आधार नहीं हो सकता है। याचिका में इसे संविधान के बुनियादी ढांचे के खिलाफ बताया गया है। संगठन ने जनरल कोटा को समानता के अधिकार और संविधान के बुनियादी ढांचे के खिलाफ बताया।

8 लाख सालाना आय पर सवाल

याचिका में यह भी कहा गया है कि गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान नागराज बनाम भारत सरकार मामले में दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के भी खिलाफ है। इस याचिका में 8 लाख रुपये सालाना आय के पैमाने पर भी सवाल उठाया गया है।

दोनों सदनों पर पास हुआ बिल

बता दें कि सामान्य वर्ग के गरीबों के लिए नौकरी और शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण के लिए 124वें संविधान संशोधन बिल को संसद से मंजूरी मिल चुकी है। यह संविधान संशोधन बिल मंगलवार को लोकसभा में पास हुआ और उसके अगले दिन यानी बुधवार को राज्यसभा की भी इस पर मुहर लग गई। राष्ट्रपति के दस्तखत के बाद यह लागू हो जाएगा।

NGO है यूथ फॉर इक्वॉलिटी 

आपको बता दें कि यूथ फॉर इक्वॉलिटी एक संस्था है जिसे कई स्टूडेंट और प्रोफेशनल मिलकर चलाते हैं। इससे पहले भी ये एनजीओ शिक्षा में सुधार, राजनीति में सुधार जैसे कई मसलों पर कैंपेन चला चुकी है।


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